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‘फिल्म पद्मावती में कुछ भी विवादित नहीं’

गुजरात उच्च न्यायालय ने इन दिनों विवाद में फंसी फिल्म पद्मावती के खिलाफ दायर जनहित याचिका का निपटारा कर दिया। मुख्य न्यायाधीश आर. सुभाष रेड्डी की अध्यक्षता वाली खंडपीठ के समक्ष फिल्म के निर्माता भंसाली प्रोडक्शन की ओर से यह बताया गया कि केन्द्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सेंसर बोर्ड) की ओर से अभी तक इस फिल्म को कोई सर्टिफिकेट नहीं मिला है।

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Film padmavati

Film padmavati

अहमदाबाद।गुजरात उच्च न्यायालय ने इन दिनों विवाद में फंसी फिल्म पद्मावती के खिलाफ दायर जनहित याचिका का निपटारा कर दिया। मुख्य न्यायाधीश आर. सुभाष रेड्डी की अध्यक्षता वाली खंडपीठ के समक्ष फिल्म के निर्माता भंसाली प्रोडक्शन की ओर से यह बताया गया कि केन्द्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सेंसर बोर्ड) की ओर से अभी तक इस फिल्म को कोई सर्टिफिकेट नहीं मिला है।

प्रोडक्शन हाउस की ओर से निर्देशक संजय लीला भंसाली मौखिक बयान का उल्लेख किया गया जिसमें यह बताया गया कि इस फिल्म में पद्मावती के गौरव और राजपूतों की भावना को ध्यान में रखा गया है। फिल्म में किसी की भावना को ठेस पहुंचे, ऐसे किसी दृश्य का फिल्मांकन नहीं किया गया है। फिल्म में कोई विवादित दृश्य नहीं बताया गया है।

उच्च न्यायालय ने बुधवार को फिल्म के निर्माता निर्देशक की ओर से दिए गए बयान को ध्यान रखते हुए इस याचिका का निपटारा किया। राजेन्द्र सिंह शेखावत ने इस मामले में वकील प्रितेश शाह की ओर से दायर जनहित याचिका में कहा गया कि भंसाली प्रोडक्शन हाउस प्रत्येक फिल्म के विवाद खड़ा करने की पहचान बन गया है।

शाह के अनुसार पद्मावती फिल्म का कई जगहों पर विरोध किया जा रहा है। फिल्म में जिस तरह से पद्मावती के रूप में दीपिका पादुकोण और अलाउद्दीन खिलजी के साथ सपने में जो दृश्य बताए गए हैं, वे राजपूतों की भावना को ठेस पहुंचाने वाले हैं। इसमें पद्मावती के चरित्र को गलत तरीके से पेश किया गया है और इतिहास के साथ छेड़छाड़ की गई है। इसलिए इस फिल्म की प्री स्क्रीनिंग की जाए और इतिहासविदों की एक समिति बनाई जाए जो यह देखे कि फिल्म के इतिहास के साथ कोई छेड़छाड़ तो नहीं की गई है।

भंसाली की ओर से यह दलील दी गई कि फिल्म को फिलहाल सेंसर बोर्ड का सर्टिफिकेट नहीं मिला है। इसलिए यह याचिका समय से पहले दायर की गई है। इसलिए इसे खारिज करना चाहिए। साथ ही खंडपीठ ने यह भी कहा कि यदि फिल्म में प्रोडक्शन हाउस के बयान से विपरीत कुछ होगा तो अवमानना का मामला बन सकता है।

मुम्बई-लखनऊ सुविधा अब बनी स्पेशल ट्रेन

विशेष किराया देना होगा

पश्चिम रेलवे ने मुंबई सेंट्रल और लखनऊ के बीच चलने वाली सुविधा ट्रेन को स्पेशल ट्रेन बनाकर विशेष किराए के साथ चलाने का निर्णय किया है। यह ट्रेन बान्द्रा टर्मिनस से 30 नवम्बर तक और लखनऊ से एक दिसम्बर तक चलाई जाएगी।

पश्चिम रेलवे ने त्योहारों की भीड़ को देखते हुए जो होलीडे स्पेशल चलाई थीं, उन्हें अब स्पेशल ट्रेन में परिवर्तित कर विशेष किराए के साथ चलाया जाएगा। मुंबई सेंट्रल-लखनऊ-मुंबई सेंट्रल के बीच चलाई जा रही साप्ताहिक सुपरफास्ट सुविधा विशेष ट्रेन 82907/82908 को बदलकर अब 09017/09018 मुंबई सेंट्रल-लखनऊ-मुंबई सेंट्रल साप्ताहिक सुपरफास्ट विशेष ट्रेन कर दिया गया है।

09017 सुपरफास्ट 30 नवम्बर तक प्रत्येक गुरुवार मुंबई सेंट्रल से शाम 7.45 बजे रवाना होगी।