
शिक्षिका व चयन समिति के तीन सदस्यों को पांच वर्ष की कैद
राजकोट. सुरेंद्रनगर जिले में वढ़वाण के एक स्कूल में फर्जी अनुभव प्रमाण-पत्र के आधार पर नौकरी प्राप्त करने वाली शिक्षिका व चयन समिति के तीन सदस्यों को न्यायालय ने पांच वर्ष की कैद की सजा सुनाई है, यह मामला 24 वर्ष पुराना है।
सूत्रों के अनुसार वढ़वाण स्थित न्यासकरण विद्यालय में अंग्रेजी विषय के शिक्षक की भर्ती के लिए जनवरी 1984 में विज्ञापन प्रसारित किया गया था। महिला उम्मीदवार गीता अमृतलाल जादव ने अनुभव के बिना ही चार वर्ष के अनुभव का फर्जी प्रमाण-पत्र बनाकर उसके आधार पर भर्ती की प्रक्रिया में शामिल किया गया।
प्रक्रिया में चयन समिति के सदस्यों अमृतलाल खुशालदास भोरणिया, हसमुख कांतिलाल दवे, धीरजलाल छोटालाल ब्रह्मभट्ट, राजेंद्र कुंजबिहारी पांडे ने अनुभव प्रमाण-पत्र मान्य रखकर गीता जादव को शिक्षिका के तौर पर भर्ती किया। विद्यालय के प्राचार्य महेंद्र गिरधरलाल पटेल ने शिक्षिका व चयन समिति के सदस्यों के विरुद्ध पुलिस थाने में मामला दर्ज करवाया था। प्रक्रिया में चयन समिति के सदस्यों अमृतलाल खुशालदास भोरणिया, हसमुख कांतिलाल दवे, धीरजलाल छोटालाल ब्रह्मभट्ट, राजेंद्र कुंजबिहारी पांडे ने अनुभव प्रमाण-पत्र मान्य रखकर गीता जादव को शिक्षिका के तौर पर भर्ती किया। विद्यालय के प्राचार्य महेंद्र गिरधरलाल पटेल ने शिक्षिका व चयन समिति के सदस्यों के विरुद्ध पुलिस थाने में मामला दर्ज करवाया था।
आरोप-पत्र दाखिल होने के बाद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के.आर. पंड्या ने 19 मौखिक साक्ष्य, 95 दस्तावेजी सबूत को ध्यान में रखा। इस बीच, एक आरोपी राजेंद्र कुंजबिहारी पांडे की मौत हो गई। न्यायाधीश ने शिक्षिका गीता जादव सहित चारों आरोपियों को पांच वर्ष की कैद के अलावा शिक्षिका को 45 हजार रुपए के दंड की सजा सुनाई। आरोप-पत्र दाखिल होने के बाद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के.आर. पंड्या ने 19 मौखिक साक्ष्य, 95 दस्तावेजी सबूत को ध्यान में रखा। इस बीच, एक आरोपी राजेंद्र कुंजबिहारी पांडे की मौत हो गई। न्यायाधीश ने शिक्षिका गीता जादव सहित चारों आरोपियों को पांच वर्ष की कैद के अलावा शिक्षिका को 45 हजार रुपए के दंड की सजा सुनाई।
Updated on:
20 Jul 2018 11:29 pm
Published on:
20 Jul 2018 11:29 pm
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