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लोको पालयट की सतर्कता से बची शेरों की जान

trains, loco piolots, lions, aletness, save life: दो वर्षों में 75 घटनाओं में बचाई शेरों की जान

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लोको पालयट की सतर्कता से बची शेरों की जान

लोको पालयट की सतर्कता से बची शेरों की जान

गांधीनगर. सावरकुंडला से लीलीयामोटा के बीच गुड्ज ट्रेन के लोको पायलट की सतर्कता से शेरों की जान बच गई।
दरअसल, लोको पायलट एस. के. सिन्हा गुड्ज ट्रेन लेकर सावरकुंडला से लीलीयामोटा की ओर जा रहे थे। इसी बीच लोको पायलट ने ट्रैक पर चार शेरों देखा सतर्कता बरतते हुए लोको पायलट सिन्हा ने तुरंत इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन रोक दी। थोड़ी देर बाद शेर ट्रैक से चले गए। लोको पायलट ने ट्रेन रोककर शेरों को कटने से बचा लिया।
हालांकि यह पहली घटना नहीं है जब रेलवेकर्मियों की सतर्कता ने रेलवे ट्रैक या उसके पास मौजूद शेरों की जान बचाई हो। इससे पहले भी रेलकर्मियों नेे सतर्कता बरतते हुए शेरों की जान बचाई है।

आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2020-21 में 52 घटनाएं और 2021-22 में 18 सितंबर तक 23 घटनाएं हुईं, जिसमें रेलवे कर्मचारियों की त्वरित कार्रवाई से शेरों को ट्रेन से कटने से बचा लिया। पीपावाव-राजुला रोड जंक्शन खण्ड में वन विभाग की ओर से शेरों की सुरक्षा एवं उनकी न्यूनतम आवाजाही के लिए लगाई गई बाड़ को तौकते तूफान के कारण काफी नुकसान हुआ है। इस बाड़ की मरम्मत के लिए रेल प्रशासन ने वन विभाग को सूचित किया गया है।