100 घंटे के प्रवास के दौरान यूपी पुलिस कर्मियों ने सक्रिय रूप से छात्रों, संकाय सदस्यों और आम जनता के साथ अपने अनुभव और विशेषज्ञता को साझा किया।
उत्तर प्रदेश पुलिस ने मिशन कर्मयोगी के तहत गांधीनगर स्थित राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय (आरआरयू) में व्यवसायिक क्षमता के गुर सीखे। उन्होंने 100 घंटे के इंटरेक्टिव सत्र और कार्यशालाओं भाग लिया। मिशन कर्मयोगी के तहत अपने 100 घंटे के प्रवास के दौरान यूपी पुलिस कर्मियों ने सक्रिय रूप से छात्रों, संकाय सदस्यों और आम जनता के साथ अपने अनुभव और विशेषज्ञता को साझा किया। इसका उद्देश्य एक खुला संवाद बनाना और पुलिस बल और समुदाय के बीच सहयोग को प्रोत्साहित करना था। यूपी पुलिस टीम में अधिकारी और विशेषज्ञ शामिल थे।
उन्होंने सामुदायिक पुलिसिंग, ड्रग्स प्रवर्तन, मादक द्रव्यों के सेवन, घरेलू हिंसा और बाल दुर्व्यवहार, पुलिस संचार, साइबर सुरक्षा और धोखाधड़ी जागरूकता, अपराध की रोकथाम, भीड़ प्रबंधन, महिला सशक्तिकरण और शारीरिक फिटनेस जैसे महत्व के क्षेत्रों में विशेषज्ञता साझा की।
इंटरेक्टिव सत्र और कार्यशालाओं ने प्रतिभागियों को यूपी पुलिस की विभिन्न पहलों और कार्यक्रमों के बारे में जानने और उनकी समस्याओं का समाधान खोजने का अवसर प्रदान किया। आरआरयू में अपनी गतिविधियों के 100 घंटे पूरे होने पर यूपी पुलिस अधिकारियों को आरआरयू की ओर से व्यावसायिक क्षमता-निर्माण शिक्षण प्रमाणपत्र प्रदान किए गए।