
पौधों व पक्षियों के लिए पहले वेतन का किया उपयोग
हिम्मतनगर. पाटण जिले की समी तहसील के समशेरपुरा गांव की मूल निवासी एक महिला कांस्टेबल ने अनोखा प्रकृति प्रेम दर्शाया है।
पूरी दुनिया ग्लोबल वार्मिंग की समस्या से जूझ रही है, मनुष्य दिन-प्रतिदिन पेड़ों की कटाई कर रहे हैं, जिसके कारण पृथ्वी पर गर्मी दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। ऐसे में समशेरपुरा गांव की मूल निवासी व महिला पुलिस कांस्टेबल भावना पसा भालैया ने अपना पहला वेतन पौधों व पक्षियों के लिए उपयोग किया है।
वर्तमान में सुरेंद्रनगर जिले में कार्यरत भावना ने दो वर्ष पहले महिला पुलिस कांस्टेबल के तौर पर नौकरी की शुरुआत की। उन्होंने प्रतिज्ञा की थी कि नौकरी शुरू करने पर पहला वेतन अच्छे कार्य के लिए उपयोग करेंगी। पहले वेतन के तौर पर मिले 20 हजार रुपए उन्होंने बचा कर रखे लेकिन उस राशि का उपयोग करने के बारे में असमंजस में थीं।
इस बीच, उन्हें अपने जन्मदिवस पर पौधारोपण व पक्षियों को दाने के अलावा कुंडे के वेतन की राश् िका उपयोग करने की प्रेरणा मिली। उन्होंने अपने पहले वेतन की राशि से गांव में अलग-अलग स्थानों पर एक हजार पौधे लगाने व उनकी देखभाल करने के लिए गांव के युवक मंडल का सहयोग लिया। गांव में पानी के 500 कुंडे निशुल्क वितरित किए।
उनका कहना है कि धार्मिक कार्यों में लोग करोड़ों रुपए खर्च करते हैं लेकिन पर्यावरण की किसी को चिन्ता नहीं है। उनका कहना है कि पौधे हैं तो जीवन है, भावी पीढ़ी के भविष्य के लिए पौधों और पर्यावरण की रक्षा करना सभी का फर्ज है। उनको आनन्द है कि अपनी जिन्दगी की पहली कमाई सच्चे रास्ते पर उपयोग किया है।
Published on:
12 Jun 2019 04:05 pm
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