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गुजरात से हर वर्ष आठ लाख से अधिक वाहनों का होता है निर्यात

vehilcles, export, automobile, evolution, gujarat news; तीन बिलियन डॉलर हब तक गुजरात का ऑटोमोटिव इवोल्यूशन

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गुजरात से हर वर्ष आठ लाख से अधिक वाहनों का होता है निर्यात

गुजरात से हर वर्ष आठ लाख से अधिक वाहनों का होता है निर्यात

गांधीनगर. गुजरात के ऑटोमोबाइल क्षेत्र का मूल्य 3 अरब अमरीकी डॉलर है। राज्य से हर साल आठ लाख से अधिक वाहनों का निर्यात होता है। गुजरात भारत के ऑटोमोटिव लैंडस्कैप में अहम योगदान देने वाला राज्य बना है। ऑटोमोटिव हब बनने की ओर राज्य की यात्रा वर्ष 2009 में अहमदाबाद में साणंद ज़िला में टाटा मोटर्स मैन्यूफैक्चरिंग प्लांट की स्थापना के साथ शुरू हुई। यह स्थानीय एवं अंतरराष्ट्रीय दोनों निवेशकों को आकर्षित करता है।

गुजरात के ऑटोमोबाइल क्षेत्र का उद्भव वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट (वीजीजीएस) के साथ जुड़ा हुआ है। जनवरी-2024 में आयोजित होने वाली वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट का 10वां संस्करण निवेश तथा इनोवेशन के बेजोड़ हब के रूप में गुजरात की स्थिति को अधिक सुदृढ़ करेगा।गुजरात के ऑटोमोबाइल उद्योग की बात करें तो वर्ष 2011 में फ़ोर्ड मोटर्स ने साणंद स्थित प्लांट में 5,000 करोड़ रुपए का निवेश किया। इस कारण गुजरात में 3,000 रोज़गार का सृजन हुआ। वर्ष 2014 में सुज़ुकी मोटर्स के 14,784 करोड़ रुपए के मेगा यूनिट के कारण 9,100 रोज़गार उपलब्O हुआ। वर्ष 2022 में टाटा मोटर्स ने साणंद में स्थित फ़ोर्ड प्लांट हस्तगत किया था। गुजरात के सहयोग से भारत का प्रथम प्लग-एंड-प्ले पार्क यानी जापानीज़ इंडस्ट्रियल पार्क बना है। वर्ष 2017 में एमजी मोटर्स ने 2000 करोड़ रुपए के प्रारंभिक निवेश तथा वार्षिक 80,000 यूनिट्स की उत्पादन क्षमता के साथ जीएम इंडिया का हालोल प्लांट हस्तगत किया था।

तीन बिलियन डॉलर के निवेश के साथ मांडल-बेचराजी स्पेशल इन्वेस्टमेंट रीजन ऑटोमोबाइल के उत्पादन के लिए एक महत्वपूर्ण केन्द्र तथा यहां मारुति सुज़ुकी तथा होंडा जैसी विख्यात कंपनियां स्थापित हुई हैं, जिनकी वार्षिक एक मिलियन से अधिक वाहनों के उत्पादन की क्षमता है। इंटरनेशनल ऑटोमोबाइल सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस-गुजरात सरकार तथा मारुति सुज़ुकी इंडिया लिमिटेड के बीच सहयोग का गवाह है। यह नवीन संयुक्त उपक्रम ऑटोमोटिव क्षेत्र के लिए मील का पत्थर है गुजरात का एक्सीलेंस सेन्टर ऑटोमोटिव उद्योग में अनुसंधान, विकास तथा नवीनता की एक अत्याधुनिक सुविधा है। यह अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी हब के रूप में कार्य करता है। राज्य सरकार ने इलेक्ट्रीकल व्हीकल बैटरी प्लांट स्थापित करने के लिए टाटा ग्रुप के साथ 13,000 करोड़ रुपए के महत्वपूर्ण एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं।