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‘वाइब्रेंट गुजरात-वाइब्रेंट अहमदाबाद’ में हुए 12,571 करोड़ के 484 एमओयू

Vibrant Gujarat vibrant Ahmedabad programme मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुआ कार्यक्रम, उद्योग व स्वास्थ्य मंत्री रहे उपस्थित, हर ज़िले के पोटेंशियल, स्ट्रेंथ को ग्लोबल प्लेटफ़ॉर्म देना है उद्देश्य

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‘वाइब्रेंट गुजरात-वाइब्रेंट अहमदाबाद’ में हुए 12,571 करोड़ के 484 एमओयू

‘वाइब्रेंट गुजरात-वाइब्रेंट अहमदाबाद’ में हुए 12,571 करोड़ के 484 एमओयू

Ahmedabad. मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की अध्यक्षता में मंगलवार को अहमदाबाद में आयोजित ‘वाइब्रेंट गुजरात-वाइब्रेंट डिस्ट्रिक्ट अहमदाबाद’ कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में 12571 करोड़ रुपए के निवेश के लिए 484 एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मुख्यमंत्री रहते हुए 20 साल पहले ‘वाइब्रेंट गुजरात समिट शुरू की थी। आज यह समिट निवेश के लिए वैश्विक प्लेटफॉर्म बन चुकी है। ऐसे में इस वैश्विक प्लेटफॉर्म का राज्य के हर जिले को लाभ मिल सके इस उद्देश्य से गुजरात सरकार ने 2024 में दसवीं वाइब्रेंट गुजरात समिट करने से पूर्व हर जिले में वाइब्रेंट गुजरात-वाइब्रेंट डिस्ट्रिक्ट कार्यक्रम करने की पहल की है।उन्होंने कहा कि राज्य के प्रत्येक ज़िले के पास विशिष्ट पोटेंशियल एवं खुद की एक स्ट्रेंथ है, जिसे ग्लोबल मंच प्रदान करके हर जिले में विकास की गति को और बढ़ाना इस कार्यक्रम का उद्देश्य है।

अहमदाबाद में आयोजित इस इवेंट में विभिन्न क्षेत्रों में 12,571 करोड़ रुपए के निवेश के लिए हुए 484 एमओयू से 17 हजार रोज़गार के अवसरों का निर्माण होगा।इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री ऋषिकेश पटेल और उद्योग मंत्री बलवंत सिंह राजपूत ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में जीसीसीआई के वरिष्ठ उपाध्यक्ष संदीप इंजीनियर, सीआईआई के अध्यक्ष दर्शन शाह, एसोचैम की गुजरात राज्य परिषद् के अध्यक्ष चिंतन ठाकर और फिक्की के अध्यक्ष राजीव गांधी ने भी अपने विचार व्यक्त किए।

नॉलेज शेयरिंग, नेटवर्किंग का बेहतर केन्द्र बनी समिट

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा कि 2003 में आरंभ हुई वाइब्रेंट समिट की उत्तरोत्तर सफलताऔर दो दशकों से वैश्विक निवेशकों की ओर से मिल रहे समर्थन से आज यह समिट

नॉलेज शेयरिंग एवं नेटवर्किंग का भी प्लेटफ़ॉर्म बनी है। ‘वाइब्रेंट गुजरात-वाइब्रेंट डिस्ट्रिक्ट’ कार्यक्रम में भी प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के लाभार्थियों, एमएसएमई, स्टार्टअप, सेल्फ हेल्प ग्रुप, महिला उद्यमियों को जोड़ा गया है। इस दौरान एग्ज़ीबिशन, क्रेडिट लिंकेज, सेमिनार, ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ बाज़ार, बीटूबी, बीटूसी, बीटूजी मीटिंग्स भी की जा रही हैं।

बड़े उद्योगों की जरूरत का इकोसिस्टम भी होगा खड़ा

मुख्यमंत्री ने कहा कि वाइब्रेंट समिट की सफलता के चलते राज्य में बड़े उद्योग आए हैं। इन उद्योगों को उनकी जरूरत के साधन-संसाधन आसानी से जिला व राज्य में मिल सकें इसे सुनिश्चित करने में भी वाइब्रेंट डिस्टि्रक्ट कार्यक्रम मददरूप होगा। ऐसी पूरी वैल्यूचेन और इकोसिस्टम स्थापित किया जा रहा है।

अब तक 25 जिलों में 2590 एमओयू, 25 हजार करोड़ का निवेश

मुख्यमंत्री ने कहा कि 31 अक्टूबर तक राज्य के हर जिले में ‘वाइब्रेंट गुजरात-वाइब्रेंट डिस्ट्रिक्ट’ कार्यक्रम आयोजित किया जाना है। 33 जिलों में से 25 जिलों में हुए इस कार्यक्रम में अब तक 2590 एमओयू हुए हैं। जिससे 25 हज़ार करोड़ रुपए से अधिक का निवेश करने पर सहमति बनी है। इससे 65 हज़ार से अधिक युवाओं को रोज़गार का अवसर मिलेगा।