
जनभागीदारी की मिसाल: कीचड़ से मुक्ति पाने के लिए ग्रामीणों ने ही बना डाला रास्ता
हिम्मतनगर. साबरकांठा जिले की हिम्मतनगर तहसील के पेढ़माला गांव में घुटने तक कीचड़ में आधा किलोमीटर चलने को मजबूर लोगों ने खुद ही जनभागीदारी से रास्ता बनाया है।
पेढ़माला गांव के लोगों को मवेशी चराने के लिए गोचर की जमीन तक जाने के लिए भी कीचड़ भरे रास्ते पर चलना पड़ता था। गुहार लगाने के बावजूद स्थानीय प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं हुई। अंतत: गांव के लोगों, महिलाओं ने खुद ही जनभागीदारी से कीचड़ भरे रास्ते पर पत्थर रखकर रास्ते को सुगम बनाने का कार्य किया। इस कार्य का पूरा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। महिलाओं व लोगों की ओर से श्रमदान कर रास्ते को सुगम बनाने और कीचड़मुक्त करने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पेढ़माला गांव चर्चा का विषय बना हुआ है। स्थानीय लोगों के अनुसार पशुओं को गोचर की जमीन में चराने के लिए ले जाने, गांव के किसी व्यक्ति की मौत के बाद श्मशान गृह तक जाने के लिए घुटने तक कीचड़ से निकलना पड़ता है।
सरपंच को कई बार करवाया गया अवगत
मानसून के दौरान गांव के रास्ते पर आधे किलोमीटर की दूरी घुटनों तक जमा हो रहे कीचड़ से रास्ता पार करना पड़ता है। इस संबंध में कई बार गांव के सरपंच से भी शिकायत की गई, फिर भी कोई समाधान नहीं हुआ। इससे तंग आकर गांव की महिलाएं-पुरुष और बच्चे अपने हाथ में फावड़े लेकर इस कीचड़ से मुक्त होने के लिए निकल पड़े। गांव के लोगों से जनभागीदारी के तहत कीचड़ से मुक्ति के लिए धन संग्रह किया गया।
ऐसे कर रहे मार्ग को कीचड़मुक्त
वीडियो बनाने और सोशल मीडिया पर वायरल करने वाले गांव के निवासी रणजीतसिंह झाला ने बताया कि गांव से बाहर निकलने या फिर किसी अन्य काम के लिए जाने के लिए एक किलोमीटर का रास्ता है। गांव में जाने या फिर गांव से बाहर जाने से पहले रास्ते पर कीचड़ और मिट्टी से निकलना पड़ता है। इस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं किए जाने पर गांव के लोगों ने खुद ही रास्ता बनाने का फैसला किया। इसके लिए ग्रामीणों में धनसंग्रह किया। एक ट्रैक्टर किराए पर लिया और समीप के पहाड़ से 12 बार पत्थर लाकर रास्ते पर बिछाए गए। 22 ट्रॉली मिट्टी लाकर रास्ते पर बिछाई गई। गांव के लोगों ने सुबह 7 बजे से काम शुरू किया। 12 घंटे के श्रमदान के बाद रास्ते को कीचड़मुक्त किया है। इस काम पर कुल 10 हजार रुपए खर्च हुए हैं।
प्रस्ताव पारित कर पटवारी को भेजा
गांव के सरपंच का कहना है कि यह नई समस्या नहीं है। गांव से सटे हुए एक नाले में मानसून के दौरान पानी भरता है। यह पानी पूरे गांव में पहुंचता है। पक् की सड़क के निर्माण से लेकर नाले को ठीक कराने का प्रस्ताव ग्राम सभा की बैठक में पारित कर पटवारी को काफी पहले ही भेजा जा चुका है, प्रस्ताव पर अब तक कार्रवाई नहीं हुई है।
ग्रामीणों का काम सराहनीय
अभी गांव के लोगों ने अपने स्तर पर जो भी काम किया है, वह सराहनीय है। इसमें मैंने भी आर्थिक रूप से सहयोग किया है, लेकिन अभी जो काम हुआ है इससे समस्या का बहुत कम समाधान हो पाया है। यहां पर बहुत ज्यादा गड्ढे हंै, जिन्हें भरने के लिए करीब 4 लाख रुपए की आवश्यकता है। इस संबंध में जिले के संबंधित अधिकारियों के साथ बात हो चुकी है। जल्द ही इसके लिए निर्माण निधि जारी की जाएगी।
दक्षाबेन निर्मल सिंह झाला, सरपंच
Published on:
26 Jul 2022 12:56 am
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