
11 वर्षीय बालक को अप्लास्टिक एनीमिया, इलाज के लिए १६ लाख की दरकार
धौलपुर. जिले के राजाखेड़ा निवासी एक ११ वर्षीय मासूम बालक को 'अप्लास्टिक एनीमियाÓ बीमारी सामने आई है। जब इस बीमारी के इलाज का जयपुुर के चिकित्सकों ने खर्चा बताया तो पिता के होश उड़ गए और अब वापस राजाखेड़ा ले आए हैं। पिता के पास खाने के लिए लाले पड़ रहे हैं तो १६ लाख देने की हिम्मत ही नहीं है। जयपुर के चिकित्सकों ने चिरंजीवी योजना में भी इसका इलाज संभव नहीं होने की बात कही है।
राजाखेड़ा निवासी बॉबी ने बताया कि वह गुजरात में रहता है। दो साल पहले वह बच्चों को भी वहीं ले गया लेकिन कई दिनों से उसके बच्चे का थकान तथा कमजोरी होने पर उसने अहमदाबाद में चिकित्सकों को दिखाया, वहां भर्ती रहने के दौरान पता चला कि बोन मेरो (अस्थि मज्जा) खून नहीं बना रही है। इस कारण इसे एनीमिया है। इसके बाद बिहार तथा बाद में जयपुर में जेके लोन में दिखाया। वहां पर चिकित्सकों ने बोने मेरो की बायोप्सी कराई। इसमें अप्लास्टिक एनीमिया सामने आया है। इलाज में १६ लाख रुपए का खर्च बताया गया है। पिता के पास इतनी धन राशि नहीं है। बॉबी ने बताया कि वह गुजरात में नाई की दुकान चलाता है। इससे घर खर्च चलाना भी बमुश्किल है। वहीं जमीन भी नहीं है, जिसे बेचकर बेटे का इलाज करा पाए। उसने बताया कि उसका सिर्फ एक बेटा है। दो बेटी है।
इनका कहना है
रिपोर्ट देखी है, इसमें अप्लास्टिक एनीमिया बीमारी सामने आई है। इसक कारण बॉडी में रक्त नहीं बनता है। इसका पूरा बोन मेरो चेंज होगा।
डॉ. समरवीर सिंह, पीएमओ, राजकीय सामान्य चिकित्सालय, धौलपुर।
Published on:
30 Jun 2021 12:33 am
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