पोक्सो कोर्ट का फैसला : 25 हजार रुपए जुर्माना पोक्सो अदालत संख्या दो ने बलात्कार के अभियुक्त पिता को 20 साल के कारावास व 25 हजार रुपए जुर्माने से दंडित किया। प्रकरण में खास बात यह है कि पिता के खिलाफ अदालत में पुत्री पक्षद्रोही हो गई थी इसके बावजूद अदालत ने डीएनए जांच व एफएसएल रिपोर्ट के आधार पर अभियुक्त को दोषी ठहराया।
अजमेर. पोक्सो अदालत संख्या दो ने बलात्कार के अभियुक्त पिता को 20 साल के कारावास व 25 हजार रुपए जुर्माने से दंडित किया। प्रकरण में खास बात यह है कि पिता के खिलाफ अदालत में पुत्री पक्षद्रोही हो गई थी इसके बावजूद अदालत ने डीएनए जांच व एफएसएल रिपोर्ट के आधार पर अभियुक्त को दोषी ठहराया।
प्रकरण के तथ्य
मई 2022 में पीडिता की मां ने थाने में दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि उसका पति चार माह से नाबालिग पुत्री से बलात्कार कर रहा है। कुछ समय पहले छोटी पुत्री के साथ भी गलत कृत्य करने की कोशिश की। रोकने पर मारपीट करता है। आरोपी पर शराब पीकर पुत्री से बलात्कार करने का आरोप लगाया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर पीडि़ता का मेडिकल, आरोपी की जांच व पीडि़ता के बयान दर्ज किए। आरोपित के खिलाफ भादसं की धारा 376 एबी, 354 5 एल, एम, एन, 6 पोक्सो अधिनियम के तहत चालान पेश किया।
डीएनए जांच व एफएसएल रिपोर्ट बनी सजा का आधार
विशेष लोक अभियोजक विक्रम सिंह शेखावत ने अभियोजन पक्ष की ओर से 15 गवाह व 26 दस्तावेज पेश किए। उन्होंने बताया कि पीडि़ता अदालत में पक्षद्रोही हो गई, लेकिन पत्रावली पर उपलब्ध मेडिकल रिपोर्ट व विधि विज्ञान प्रयोगशाला से आई डीएनए रिपोर्ट के आधार पर अदालत ने अभियुक्त को दोषी पाया।
इन धाराओं में दी सजा
धारा 3/ 4 पोक्सो अधिनियम : 20 साल कारावास, 25 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई।
आरोपी की जांच व पीडि़ता के बयान दर्ज
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर पीडि़ता का मेडिकल, आरोपी की जांच व पीडि़ता के बयान दर्ज किए। आरोपित के खिलाफ भादसं की धारा 376 एबी, 354 5 एल, एम, एन, 6 पोक्सो अधिनियम के तहत चालान पेश किया।