
आग का तांडव, एक के बाद एक 21 बाड़े जले
बोराड़ा (अजमेर). ग्राम मुण्डोती-टाणडियान स्थित एक बाड़े में लगी आग की लपटों ने समीप के अन्य बाड़ों को भी चपेट में ले लिया। हवा का रुख तेज होने से आग की लपटें फैलती गई। इस दौरान देखते ही देखते २१ बाड़े जलकर राख हो गए।
आग का दायरा करीब किलोमीटर तक फैल गया। आग से चारा, ईंधन व पेड़ जल गए। सूचना पर बोराड़ा थानाधिकारी शंकर लाल मीणा व सरवाड़ तहसीलदार गजराज सिंह मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों की मदद से आग पर काबू पाने की कोशिशें की।
दो घंटे देरी से पहुंची दमकलें
घटना के दो घंटे बाद भी दमकल नहीं पहुंचने तक आग जलती रही। आग की लपटें और धुएं के गुबार देख आसपास के गांवों में खलबली मच गई। आग से करीब सौ से अधिक पेड़ झुलस गए। किशनगढ़, केकड़ी, मालपुरा, अजमेर तथा नसीराबाद से दमकलों ने पहुंच कर आग बुझाई।
ग्रामीणों नेे भी टैंकरों तथा जेसीबी से आग बुझाने में सहयोग किया। तब जाकर चार घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। शाम तक धुआं उठता रहा। तहसीलदार गजराज सिंह ने गिरदावर तथा पटवारी को जांच कर रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश हंै।
खेतों में फेंके सिलेंडर
आग का विकराल रूप देखकर ग्रामीणों में दहशत फैल गई। इसके चलते एहतियात के तौर पर मुण्डोती गांव के कई घरों से गैस सिलेंडर व ज्वलनशील पदार्थों को खेतों में पटक दिया। मवेशियों को खूंटे से खोलकर जंगल में खुला छोड़ दिया।
इनके बाड़े आए चपेट में
बजरंग जाट, रोडू मल, रामकरण, रामचन्द्र, शंकर लाल, छोटू लाल,तेजू, रोडू, सुवा लाल,रामवतार, रामचरण, सत्यनारायण, गणेश, जगदीश, अमरा, प्रताप, रघुनाथ, सांवरलाल, बैजनाथ, हरिराम, प्रधान, भंैरूआदि के बाड़े आग की भेंट चढ़ गए।
पीडि़त किसानों के पास मवेशियों के लिए सूखा चारा नहीं बचा। रातभर और सुबह मवेशियों को क्या खिलाएंगे। यहीं चिंता उन्हें सता रही है।
Published on:
10 May 2019 01:20 am
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