
कोर्ट में पेशी के बाद मुख्य आरोपी मनीष कपूर को ले जाते सीओ ओमप्रकाश।
अजमेर(Ajmer News). शेयर बाजार में निवेश का झांसा देकर एनआरआई को सवा करोड़ की चपत लगाने वाले उदयपुर के चाटर्ड अकाउंटेंट समेत 9 जनों को अजमेर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों ने एक नर्सिंग छात्र शामिल है। पुलिस ने बुधवार को उनको कोर्ट में पेश किया। जहां से 8 आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया जबकि मुख्य आरोपी चाटर्ड अकाउंटेंट उदयपुर निवासी मनीष कपूर को पांच दिन के पुलिस रिमांड पर सौंपा है।
पुलिस उप अधीक्षक (दक्षिण) व अनुसंधान अधिकारी ओमप्रकाश ने बताया कि 6 जुलाई को अजमेर साइबर थाने में रामगंज निवासी एनआरआई ने सवा करोड़ की धोखाधड़ी के मामले में रिपोअर्ए दी। एक दिसम्बर को नागौर के मेड़ता सिटी डांगावास निवासी नर्सिंग छात्र मनीष मुंडेल(24) को गिरफ्तार किया। पुलिस को उसके बैंक खाते में 22 लाख रुपए का ट्रांजेक्शन मिला। इसमें एनआरआई के 5 लाख रुपए थे। उसने कमीशन के लालच में खाते में ठगी की रकम ट्रांसफर करना कबूला। 3 दिसम्बर को उदयपुर सुखेर सोभागपुरा सृजन अपार्टमेंट निवासी चाटर्ड अकाउंटेंट मनीष कपूर(49), राजसमंद रेल मगरा सांसेरा निवासी रवि जाट, उदयपुर सूरजपोल टेकरी रोड निवासी विजय पटेल उर्फ पिंटू(40), उदयपुर भोपालपुरा निवासी अनुराग जैन उर्फ अनु(33), अशोक नगर निवासी विपुल जैन उर्फ काकू(34), उदयपुर खेरोदा खालातोड़ निवासी ओमप्रकाश बैरागी उर्फ ओमू(28), लोकेश जाट(31), गोगूंदा निवासी विशाल वर्मा उर्फ भैरू(22) को गिरफ्तार किया।
पुलिस पड़ताल में सामने आया कि रवि, विजय, अनुराग, विपुल, ओमप्रकाश, विशाल, लोकेश मुख्य आरोपी चार्टड अकाउंटेड मनीष कपूर के सम्पर्क में थे। पुलिस को उनके बैंक खातों में 18 लाख रुपए का ट्रांजेक्शन मिला है जो रवि व विजय के खाते से हुआ। कुछ रकम नकद डाली गई। आरोपी नकद व ऑनलाइन रकम की निकासी कर मनीष को देते थे। मनीष उन्हें रकम बैंक खातों में ट्रांसफर की एवज में कमीशन देता था। पुलिस मनीष से पड़ताल में जुटी है।
पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी मनीष कपूर बेरोजगार, छात्र व युवाओं को कमीशन का लालच देकर खाता धारकों से अकाउंट की डिटेल लेकर धोखाधड़ी की रकम ट्रांसफर कराकर खातों से नकद निकासी करवाता था। इसके अलावा ओटीपी. यूजर आईडी पासवर्ड लेकर अन्य खातों में रकम ट्रांसफर कर लेता या चैक से स्वयं निकाल लेता था।बुधवार को कोर्ट में पेशी के दौरान मुख्य आरोपी मनीष कपूर समेत अन्य आरोपी अपना चेहरा छिपाते रहे।
पुलिस के अनुसार 6 जुलाई को रामगंज थाना क्षेत्र में रहने वाले एनआरआई ने साइबर थाने में रिपोर्ट दी कि आरोपियों ने उसे मोतीलाल पीएमएस नामक फर्जी एप/लिंक के माध्यम से शेयर बाजार में अच्छा मुनाफा दिलाने के नाम पर उससे सवा करोड रुपए अलग अलग खातों में डलवाए। उसने जब रकम वापस निकालना चाहा तो उसे धोखाधड़ी का पता चला। प्रकरण में पूर्व अनुसंधान अधिकारी ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में चालान पेश कर दिया। उनसे साढ़े 19 लाख रुपए जब्त किए गए जबकि 14 लाख रुपए खातों में सीज किए गए। पुलिस ने धारा 193(9) बीएनएसएस में प्रकरण में अनुसंधान जारी रखा।
Published on:
05 Dec 2024 12:29 am

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