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एसीबी ने पूर्व एमडी भाटी के खिलाफ दर्ज किया परिवाद

ACB ने परिवाद परीक्ष्ाण के लिए अतिरिक्त मुख्य सचिव ऊर्जा विभाग को भेजा

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Ajmer Discom EX MD VS Bhati

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अजमेर. अजमेर विद्युत वितरण् निगम के पूर्व एमडी वी.एस.भाटी के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने परिवाद दर्ज किया है। ब्यूरो ने यह कार्रवाई पंडित नीरज गौड़ निवासी धोलाभाटा के परिवाद पर की है। ब्यूरो ने परिवाद परीक्ष्ाण के लिए अतिरिक्त मुख्य सचिव ऊर्जा विभाग को भेजा है। ब्यूरो के अनुसार जांच के उपरांत यदि मामला भ्रष्टाचार अधिनियम के अन्तर्गत पाया जाता है तो धारा 17 ए भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 2018 के तहत पूर्वानुमोदन प्रदान करें। परिवादी ने करीब 200 पेज में अरबों रूपए के भ्रष्टाचार तथा विद्युत निगम को हुए नुकसान,अरबों की खरीद में हुए भ्रष्टाचार तथा निजी मामलो की शिकायत एसीबी को की है। राज्य के श्रम कारखाना एवं बॉयलर्स निरीक्षण विभाग ने भी भाटी के खिलाफ मिली शिकायत पर जांच के आदेश दिए हैं।
प्रधानमंत्री कार्यालय से भी जांच के निर्देश
अजमेर डिस्कॉम के भ्रष्टाचार से सम्बिन्धत शिकायत की जांच के लिए प्रधानमंत्री कार्यालय से भी राज्य सरकार को निर्देश जारी हुए है। इसके बाद एनर्जी सक्रेटी ने अजमेर डिस्कॉम को मामले की जांच के निर्देश दिए हैं।
दिल्ली से जांच के लिए आ चुकी हैं टीमें

सौभाग्य योजना में गरीबों के घरों तक बिजली भले ही नहीं पहुंची लेकिन अजमेर डिस्कॉम के तत्कालीन अभियंताओं ने अपना भाग्य खूब चमकाया। सोलर पैनल सप्लायर कम्पनियों से साठगांठ कर जमकर फर्जीवाड़ा किया गया। मिनिस्ट्री ऑफ पावर के अधिकारियों ने अजमेर में इसकी जांच की है।
संसद में उठा मामला, सीबीआई जांच
राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के संयोजक व नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने लोकसभा में अजमेर डिस्कॉम में सौभाग्य योजना के घोटाले को उठाते हुए इसकी सीबीआई से जांच की मांग कर चुकी है। बेनीवाल ने कहा कि अजमेर डिस्कॉम के तहत उदयपुर, अजमेर, बांसवाड़ा, सीकर, भीलवाड़ा, राजसमन्द, प्रतापगढ़ व चितौड़गढ़ जिले में 53 हजार 298 घरों में सोलर सिस्टम से बिजली पहुंचानी थी। इसके लिए अजमेर डिस्कॉम ने 11 कम्पनियों का फरवरी 2019 में 53 हजार 298 सोलर के लिए टेंडर दिए। बाद में 83 हजार 183 सोलर सिस्टम कागजों में ही लगाना बताकर बड़ा घोटाला किया गया। इसकी सीबीआई में एफआईआर दर्ज करवाई जाए तथा जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाए।
जयपुर की जांच कमेटी ने माना हुआ घोटाला
केन्द्रीय उर्जा मंत्रालय ने राज्य सरकार से अजमेर डिस्कॉम में सामने आए सौभाग्य और कुसुम योजना के घोटालों पर रिपोर्ट मांगी है। इस पर सरकार ने कमेटी गठित कर जयपुर डिस्कॉम के तकनीकी निदेशक, सीएओ तथा एसई टीडब्ल्यू से मामले की जांच करवाई जिसमें घोटाले की पुष्टि हुई है।

चेयरमैन ने गठित की कमेटी

बिजली कम्पनियों के चेयरमैन भास्कर ए सावंत ने अजमेर डिस्कॉम के बांसवाडा जिले में सौभाग्य योजना एवं डीडीयूजीजेवाई योजना के टेंडर टीएन 28 और 58 के अन्तर्गत हुए कार्याे की भौतिक जांच के लिए जोधपुर डिस्कॉम के इंजीनियर व अकाउंटस विंग के अधिकारियों की कमेटी गठित की है। इन तीनों से सामग्री आवंटन और एमएस अकाउंट बिल वैरीफिकेशन करवाया गया।
अजमेर डिस्कॉम में अब तक 70 करोड का घोटाला

अजमेर डिस्कॉम में सौभाग्य योजना में अब तक 30 करोड का घोटाला सामने आ चुका है। इसमें से करीब 4 करोड की रिकवरी कम्पनियों से हो चुकी है। 10 अभियंताओं को चार्जशीट जारी की है। यह अभियंता साैभाग्य योजना के तहत सोलर पैनल की खरीद से पूर्व निरीक्षण के लिए गए थे। कुसुम योजना में 12 करोड की रिकवरी के लिए कम्पनियों को नोटिस जारी हो चुके है। हालांकि यह घोटाला करीब 40 करोड़ का है।
इनका कहना है
दोनो मामलों में क्या भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए है मुझे नहीं मालूम। जांच करवाई जा सकती है। मैने कोई भ्रष्टाचार नहीं किया है। विभाग चाहे तो जांच करवा सकता है।

विजय सिंह भाटी, पूर्व एमडी, अजमेर डिस्कॉम