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उपलब्धि : 19.38 लाख लक्ष्य के मुकाबले 12 लाख वैक्सीनेशन, अजमेर जिला प्रदेश में रहा अव्वल

अजमेर जिले में पिछले दो माह से टीके के प्रति लोगों में भरोसा बढ़ा है। इससे पहले लोग अफवाहों के प्रति गुमराह रहे और अब टीके कम पडऩे से लोग वैक्लीनेशन सेंटरों से निराश लौट रहे हैं।

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उपलब्धि : 19.38 लाख लक्ष्य के मुकाबले 12 लाख वैक्सीनेशन, अजमेर जिला प्रदेश में रहा अव्वल

उपलब्धि : 19.38 लाख लक्ष्य के मुकाबले 12 लाख वैक्सीनेशन, अजमेर जिला प्रदेश में रहा अव्वल

Ajmer अजमेर. कोराना टीकाकरण के प्रति उत्साह से अजमेर जिले ने 12 लाख वैक्सीनेशन का आंकड़ा छू लिया। राज्य में सर्वाधिक प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर अजमेर जिला अव्वल रहा है। यह जिले की एक बड़ी उपलब्धि है। जिले में 19 लाख 38 हजार 106 लोगों का टीकाकरण करने के लिए लक्ष्य निर्धारित किया गया था,जिसमें से शनिवार तक 12 लाख 8 हजार 264 टीके लगा दिए गए।

जिला कलक्टर के निर्देशन में चला काम

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. के.के. सोनी ने बताया कि जिला कलक्टर प्रकाश राजपुरोहित ने कोरोना टीकाकरण अभियान की मॉनिटरिंग की। टीकाकरण केन्द्रों पर आवश्यक संसाधनों के संबंध में कार्मिकों एवं आमजन से सीधा संवाद किया गया।

इसके आधार पर टीकाकरण के लिए प्रभावी रणनीति बनाई गई। सरकार द्वारा टीकाकरण अभियान आरम्भ करने के साथ ही जिले के अधिकतम लोगों को प्रतिरक्षित करने के लिए प्रत्येक स्तर पर कार्य किया गया। इसके लिए उपखण्ड अधिकारी को इंसीडेन्ट कमांडर नियुक्त कर वैक्सीनेशन की मॉनिटरिंग के लिए निर्देशित किया गया।

9.72 लाख को प्रथम खुराक

जिलेभर में 9 लाख 72 हजार 636 को टीके की प्रथम खुराक व 2 लाख 35 हजार 628 व्यक्तियों को द्वितीय खुराक लगाई गई है। निर्धारित लक्ष्यों में से 49.3 प्रतिशत को प्रथम तथा 12.1 प्रतिशत को द्वितीय खुराक लगाई जा चुकी है। अजमेर इस आधार पर राज्य में सर्वाधिक प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने वाला जिला बन गया है।

फैक्ट फाइल

994000 व्यक्तियों को कोविशील्ड

218000 लोगों को कोवैक्सीन

618000 पुरुष लाभान्वित

589000 महिलाएं

60 आयु वर्ग से अधिक ।3.79 लाख

45 आयु वर्ग से अधिक

4.73 लाख 18 से 44 आयु वर्ग दूर की वैक्सीनेशव

टीके के संबंध में लोगों की भ्रांतियों का निराकरण भी किया गया। इसके लिए इंसीडेन्ट कमांडर के नेतृत्व में दलों का गठन कर क्षेत्रों में सम्पर्क कर टीके के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ भ्रान्तियों को दूर किया गया। घर-घर सर्वे अभियान के दौरान टीकाकरण से वंचित व्यक्तियों के बारे में जानकारी प्राप्त कर इन्हें प्रेरित किया गया।