
Notice issued to 20 colonizers
अजमेर विकास प्राधिकरण की ओर से दो साल से लम्बित चल रहे जीआएस सेल के गठन के लिए करीब 70 लाख रुपए के कम्प्यूटर खरीद प्रकिया में एक के बाद एक गड़बडि़या सामने आ रही हैं। पूर्व में सरकार की जैम पोर्टल के जरिए कम्प्यूटर खरीद का यह टेंडर इसलिए निरस्त करना पड़ा था क्योंकि प्राधिकरण ने टेंडर तो खोल लिया लेकिन आरटीपीपी एक्ट के तहत राजस्थान लोक उपापन में पारदर्शिता (एसपीपीपी) पोर्टल पर इसे अपलोड नहीं किया था। बाद में प्राधिकरण ने जैम पोर्टल को छोड़कर राज कॉम के जरिए कम्प्यूटर खरीद का निर्णय लिया। जैम पोर्टल से खरीद का टेंडर एसपीपीपी पोर्टल पर अपलोड नहीं करने करने के मामले में प्राधिकरण निदेशक वित्त को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
कमेटी ही नियमानुसार नहीं
वही मामले मे चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं कि कम्प्यूटर खरीद के लिए प्राधिकरण ने जो उपापन समिति गठित की गई वह शेड्यूल ऑफ पावर (एसओपी) के तहत नहीं थी। उसमें प्राधिकरण के निदेशक वित्त को शामिल ही नहीं किया गया। अब नोटिस निदेशक वित्त को दिया गया है। जैम पोर्टल से कम्प्यूटर खरीद की कार्यवाही प्राधिकरण द्वारा गठित उपापन समिति को करना था,जो कि उपापन समिति ने नहीं किया। वेबसाइट ऑनलाइन डाटा का अपलोडिंग का कार्य प्रभारी अधिकारी कंप्यूटर द्वारा किया जाता है मगर निविदाओं को समय पर अपलोड नहीं करने पर प्राधिकरण को कई निविदा रद करनी पड़ी है और जिम्मेदार मौन है।
59 लाख के टेंडर में कार्रवाई से परहेज
प्राधिकरण में पिछले माह टोनर रिफिलिंग व कंप्यूटर पार्ट्स सप्लाई, वाहन मय चालक, जलपान आपूर्ति एवं फ्लेक्स और बैनर लगाने का 59 लाख का टेंडर जारी किया गया। यह तय दिनांक से 9 दिन पहले ही खोल लिया गया और चहेती कम्पनियाें को वर्क ऑर्डर जारी करने की तैयारी की जाने लगे। इसके लिए गुपचुप तरीके से कम्पनी एक्ट की शर्त भी हटा दी गई। राजस्थान पत्रिका में इसका खुलासा होने के बाद इस टेंडर को निरस्त करना पड़ा। वहीं मामले में खास यह है कि टोनर रिफिलिंग व कंप्यूटर पार्ट्स सप्लाई को जो कार्य पूर्व में 2 लाख 10 हजार में हो रहा था उस पर नवीन टेेंंडर में केवल 90 हजार रुपए ही खर्च किए जा रहे हैं। टेंडर निरस्त होने के कारण समय व धन के दुरूपयोग के लिए प्राधिकरण ने किसी को जिम्मेदार नहीं ठहराया गया।
Published on:
23 May 2022 09:04 am
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