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इस यूनिवर्सिटी में एडमिशन पर तलवार, नहीं खिसक रही गाड़ी आगे

राजभवन ने कहा आईटी विभाग के संयुक्त पोर्टल से जोड़ें प्रवेश प्रक्रिया।
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अजमेर

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raktim tiwari

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Updated: 29 May 2019, 8:44 AM IST

mds univeristy ajmer

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अजमेर. महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय में सत्र 2019-20 के दाखिले पर तलवार लटकी हुई है। कुलपति के कामकाज पर लगी रोक और राजभवन के एक आदेश और स्नातक परिणाम में देरी के चलते मामला अधर में है। जल्द कोई फैसला नहीं हुआ तो दाखिलों में विलंब हो सकता है।

विश्वविद्यालय में इतिहास, राजनीति विज्ञान, अर्थशास्त्र, जनसंख्या अध्ययन, रिमोट सेंसिंग, पर्यावरण विज्ञान, कम्प्यूटर, प्योर एन्ड एप्लाइड केमिस्ट्री, कॉमर्स, पत्रकारिता एवं जनसंचार, पुस्तकालय विज्ञान, योग, खाद्य एवं पोषण, विधि, हिन्दी और अन्य कोर्स संचालित है। सत्र 2019-20 के लिए इन कोर्स में प्रवेश दिए जाने हैं। इसके लिए प्रोस्पेक्टस तैयार किया जा रहा है।

कराएं एकीकृत प्रवेश....
राजभवन ने महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय को सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया जोडऩे को कहा है। इसके पीछे पिछले साल कई विश्वविद्यालयों द्वारा प्रवेश दिए जाने का तर्क दिया गया। विश्वविद्यालय इससे पसोपेश में है। दरअसल यहां कुलपति के कामकाज पर रोक लगी हुई है। प्रवेश प्रक्रिया की शुरुआत और संयुक्त पोर्टल से दाखिले दिए जाने जैसे अहम फैसले कुलपति ही ले सकते हैं।

नहीं हो पाए थे दूसरे विश्वविद्यालय सफल

सत्र 2018-19 में कोटा विश्वविद्यालय और उदयपुर के एम.एल.सुखाडिय़ा विश्वविद्यालय ने आईटी विभाग के संयुक्त पोर्टल के माध्यम से आवेदन लिए थे। इन विश्वविद्यालयों में प्रवेश प्रक्रिया काफी प्रभावित हुई थी। विद्यार्थी फार्म डाउनलोड नहीं होने, पोर्टल खुलने में देरी, फीस भुगतान जैसी समस्याओं से परेशान रहे। सत्र 2019-20 में यह विश्वविद्यालय संयुक्त पोर्टल के माध्यम से प्रवेश देने के इच्छुक नहीं है।

ऑनलाइन भरे जाएंगे फार्म
कार्यवाहक कुलसचिव भागीरथ सोनी की मानें तो राजभवन ने संयुक्त पोर्टल के जरिए ऑनलाइन फार्म भरवाने को कहा है। इस पर डीन कमेटी ही अहम फैसला ले सकती है। मालूम हो कि प्रतिवर्ष विश्वविद्यालय की प्रवेश समिति प्रवेश कार्यक्रम तैयार करती है। कुलपति की मंजूरी के बाद ऑनलाइन प्रोस्पेक्टस और प्रवेश सूचना विश्वविद्यालय के वेबसाइट और अखबार में जारी होती है।