हास्य कवि दुबे की स्मृति में कवि सम्मेलन : केकड़ी में रातभर बही काव्य सरिता

केकड़ी में अतंरराष्ट्रीय हास्य कवि सुरेन्द्र दुबे की स्मृति में आयोजित अखिल भारतीय कवि सम्मेलन, गीतकार संतोष आनंद को ‘सुरेन्द्र दुबे स्मृति सम्मान’ 2020 से नवाजा, कवियों ने रचनाओं के जरिए खूब लगवाए ठहाके

By: suresh bharti

Published: 03 Jan 2020, 01:17 AM IST

अजमेर. अतंरराष्ट्रीय हास्य कवि सुरेन्द्र दुबे की स्मृति में आयोजित अखिल भारतीय कवि सम्मेलन यादगार बन गया। इस दौरान श्रोताओं ने ठहाके लगाए तो कभी देशप्रेम की भावनाओं में गोते लगाते रहे। शृंगार रस से लेकर वीर रस की कविताओं ने ऐसी समा बांधी कि श्रोता ठुमके लगाने को मजबूर हो गए। कवियों ने देश के वर्तमान हालात, राजनीतिक दलों की स्थिति और सम-सामयिक घटनाओं को लेकर भी कभी व्यंग्यात्मक रचनाएं सुनाई तो कभी केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार के साहसिक फैसलों की तारीफ के पुल बांधे।

अजमेर जिले के केकड़ी उपखंड मुख्यालय पर आयोजित कवि सम्मेलन में दिवंगत कवि दुबे की स्मृति को चिर स्थाई बनाए रखने के लिए प्रसिद्ध गीतकार संतोष आनन्द को ‘सुरेन्द्र दुबे स्मृति सम्मान’ 2020 से नवाजा गया। इसमें एक लाख 11 हजार १११ रुपए की राशि का चेक, स्मृति चिह्न एवं अभिनन्दन पत्र देकर सम्मानित किया गया।

फिल्मी और मारवाड़ी गीतों का संगम

कवि सम्मेलन के दौरान श्रोता जिन्दगी की ना टूटे लड़ी, प्यार कर ले घड़ी दो घड़ी...फिल्मी गीत पर झूम उठे। शीतलहर से ठिठुरती रात में प्रसिद्ध गीतकार संतोष आनंद ने गीत की स्वरलहरियां बिखेरी तो श्रोता नृत्य करने लगे। कवियों ने मारवाड़ी बाषा में भी रचनाएं सुनाई।

केकड़ी के नगर पालिका रंगमंच पर देश के प्रमुख कवियों ने बेहतरीन रचनाओं के शब्द सुमन अर्पित कर कवि सम्मेलन को यादगार बना दिया। सबसे पहले अतिथियों ने सुरेन्द्र दुबे की जीवनी पर डॉ. कीर्ति काले एवं डॉ. कैलाश मण्डेला के सम्पादन में तैयार स्मृति ग्रंथ ‘जा रहा हूं दूर इतना...’ का विमोचन किया।

उपखण्ड अधिकारी सुरेन्द्र राजपुरोहित, मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी प्रेमचन्द मोची, नायब तहसीलदार श्रवण सिंह राठौड़, तरुण समाज जयपुर के विश्वम्भर मोदी एवं सेवानिवृत्त बैंक अधिकारी नीरज शर्मा ने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्जवलन किया। संस्थान के चन्द्रप्रकाश दुबे, डॉ. अविनाश दुबे, अनिरूद्ध दुबे, ईशान दुबे सहित अन्य ने कवियों एवं अतिथियों का अभिनन्दन किया। संचालन सुरेन्द्र जोशी ने किया।

देर रात तक बही काव्य सरिता

कवि सम्मेलन की शुरुआत अंता के विष्णु विश्वास ने सरस्वती वंदना से की। राजस्थानी गीतकार देवकरण मेघवंशी ने राजस्थानी गीत, हास्य व्यंग्य कवि ब्यावर के शिव तूफान ने जेबकतरे की व्यथा, आलोट के नंदकिशोर अकेला ने कविताएं सुनाई। दिल्ली के सुनहरी लाल तुरन्त ने छत टपके तो फव्वारों का मजा लेते है... सहित अन्य कविताएं सुनाकर वाहवाही लूटी।

शाहपुरा के सत्येन्द्र मण्डेला ने हमें तो जिन्दगी बस तेरा ही नशा है... गीत प्रस्तुत किया। बिजयनगर के नवीन शर्मा ने देशभक्ति से परिपूर्ण कविता सुनाकर श्रोताओं को जोश से भर दिया। शाहपुरा के कवि डॉ. कैलाश मण्डेला ने नदिया बन जाना है, सागर में समाना है..., प्याज लिया तो डरना क्या... सहित कई पैरोडिय़ां व गीत सुनाकर कार्यक्रम को ऊंचाइयां प्रदान की। संचालन कर रही कवयित्री डॉ. कीर्ति काले ने भर-भर आए नैना... प्रस्तुत कर श्रोताओं की भरपूर दाद बटोरी।

फिल्मी गीतकार संतोष आनंद ने गीत पुरवा सुहानी आई रे.., इक प्यार का नगमा है, मौजों की रवानी है.., जिन्दगी की ना टूटे लड़ी, प्यार कर ले घड़ी दो घड़ी...आदि गीत सुनाकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। तेज सर्दी में सैंकड़ों श्रोता देर रात तक पाण्डाल में जमे रहे। कवि सम्मेलन में केकड़ी, सरवाड़, सावर, कादेड़ा, बघेरा, जूनियां सहित आसपास के अनेक गांवों से आए हजारों श्रोता शामिल हुए

suresh bharti Desk
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