29 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

सर क्या कसूर है हमारा…आप चाहेंगे तो जल्द मिल जाएगी नौकरी

www.patrika.com/rajasthan-news

2 min read
Google source verification
aspirants agitatin

aspirants agitatin

अजमेर. वरिष्ठ अध्यापक भर्ती परीक्षा-2016 के हिन्दी और संस्कृत विषय के अभ्यर्थियों ने राजस्थान लोक सेवा आयोग के सचिव को ज्ञापन सौंपा। अभ्यर्थियों ने नियुक्ति की अभिशंषा जल्द भिजवाने की मांग की।

श्वेता सिंह, अर्चना कुमरी, सुमेर सिंह, सीमा राठौड़, राजीव बैरवा, प्रेमराज, नीलम खटीक, सुनीता राणा, मनोज कुमार शर्मा, मक्खन लाल मीणा, भगवान सहाय और अन्य ने बताया कि आयोग ने वरिष्ठ अध्यापक भर्ती परीक्षा-2016 के तहत हिन्दी और संस्कृत विषय के शेष अभ्यर्थियों के फार्म नहीं भेजे हैं। जबकि आयोग ने ओबीसी और अन्य त्रुटियां सुधारने का कार्य जून में कराया था।

उच्च वरीयता वाले अभ्यर्थी भी आवंटन सूची में शामिल नहीं है। प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने के कारण जल्द आचार संहिता लगेगी। ऐसे में उनकी नियुक्ति अभिशंषा जल्द सरकार और शिक्षा विभाग को भिजवाई जानी चाहिए। इस दैारान सोनू, पंकज कुमार, गौतम लाल, संतोष कुमार, राजूलाल महावर, सरजू, चित्रा अग्रवाल, नेहा जोशी, मनीषा, अक्षय कुमार और अन्य मौजूद थे।

पहुंचे सचिव के घर

अभ्यर्थी पहले ज्ञापन देने आयोग कार्यालय पहुंचे। यहां अधिकारी मौजूद नहीं होने पर वे सचिव पी. सी. बेरवाल के घर पहुंचे। उन्होंने बेरवाल को ज्ञापन देकर समस्या के जल्द समाधान करने की मांग की।

पीएचडी प्रवेश परीक्षा का इंतजार

शोध करने के इच्छुक विद्यार्थियों को महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय की पीएचडी प्रवेश परीक्षा का इंतजार है। विश्वविद्यालय कार्यक्रम बनाने में जुटा है। कुलपति की मंजूरी मिलने के बाद परीक्षा के आवेदन लेने शुरू होंगे।

यूजीसी के निर्देश पर सभी विश्वविद्यालयों ने देश में वर्ष 2009-19 से पीएचडी प्रवेश परीक्षा कराना शुरू किया। इसमें महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय भी शामिल है। विश्वविद्यालय ने वर्ष 2010, 2011, 2015 और 2016 में परीक्षा कराई। यूजीसी के प्रतिवर्ष परीक्षा कराने के निर्देशों की यहां कभी पालना नहीं हुई। पहले कोर्स वर्क बनाने में देरी हुई।

फिर कोर्स वर्क को लेकर कॉलेज और विश्वविद्याल में ठनी रही। कुलपति प्रो. कैलाश सोडाणी के प्रयासों से पीएचडी के जटिल नियमों में बदलाव हुए। विश्वविद्यालय ने 2015 और 2016 में परीक्षा कराई। काफी प्रयासों के बाद 2017 में परीक्षा कराई गई।..तो इस साल होगी परीक्षानियमानुसार विश्वविद्यालय को इस साल भी पीएचडी प्रवेश परीक्षा करानी है।

Story Loader

बड़ी खबरें

View All

अजमेर

राजस्थान न्यूज़

ट्रेंडिंग