
सियासी उलझन में अटकी बाल गोपाल योजना, छात्रों को नहीं मिल पा रहा सेहत का गिलास
रोहित शर्मा
धौलपुर. मुख्यमंत्री की बजट घोषणा की पालना में सरकारी स्कूलों में कक्षा पहली से आठवीं तक के विधार्थियों को सप्ताह में दो बार दूध वितरण योजना फिलहाल ठंडे बस्ते में पड़ी हुई है। स्कूलों में मिल्क पाउडर पहुंचे करीब दो महीने होने को आए। लेकिन धौलपुर सहित प्रदेश के लाखों नौनिहाल सेहत के गिलास के लिए बाल गोपाल योजना के शुरूआत होने का इंतजार में हैं। लेकिन विभाग की ओर से दूध वितरण की तिथि अभी तक घोषित नहीं की गई है। यही नहीं विभाग की ओर से स्कूलों को चीनी व बर्तनों की राशि भी आवंटित नहीं की गई है। जानकार सूत्रों का कहना है कि पहले दूध वितरण योजना का शुभारंभ मुख्यमंत्री के हाथों गांधी जयंती पर 2 अक्टूबर को होने की संभावना थी। लेकिन प्रदेश में सियासी उलझन के चलते मामला अटक गया और अब 14 नवंबर को बाल दिवस पर योजना के शुभारंभ होने के कयास लगाए जा रहे हैं। स्कूलों में रखे गए दूध पाउडर की चूहों ब सीलन से बच्चा की जिम्मेदारी शिक्षकों को करनी पड़ रही है।गौरतलब है कि सरकारी स्कूलों में मिड डे मील में सुबह के वक्त बच्चों को दूध देने का उद्देश्य छात्र-छात्राओं के नामांकन, उपस्थिति में वृद्धि, ड्रॉपआउट को रोकना, पोषण स्तर में वृद्धि एवं आवश्यक न्यूट्रिएंट्स उपलब्ध कराना है। इसके लिए मुख्यमंत्री बाल गोपाल योजना के तहत सरकारी स्कूल, मदरसों में कक्षा 1 से 8 वीं तक के बच्चों को सप्ताह में दो दिन मंगलवार और शुक्रवार को प्रार्थना सभा के तुरंत बाद पाउडर वाला दूध पिलाया जाएगा। इस दिन छुट्टी होने की स्थिति में अगले दिन दूध वितरित किया जाएगा। कक्षा 1 से 5वीं तक के बच्चों को 150 एमएल और कक्षा 6 से 8वीं तक के बच्चों को 200 एमएल दूध देने का प्रावधान रखा गया है। सरकार ने दूध में चीनी की मात्रा भी तय की है। विभागीय आदेश के मुताबिक 150 एमएल दूध में 8.4 ग्राम और 200 एमएल दूध में 10.2 ग्राम चीनी मिलाई जाएगी। 15 ग्राम पाउडर दूध से 150 एमएल दूध बनेगा।
जिले में 60 हजार 450 किग्रा मिल्क पाउडर की हो चुकी आपूर्ति
जिले के कक्षा 1 से 8वीं तक के 1170 सरकारी स्कूलों व मदरसों में पढऩे वाले करीब पौने दो लाख विद्यार्थियों को योजना से लाभान्वित किया जाएगा। राज्य सरकार की ओर से जिले के लिए 60 हजार 450 किलोग्राम पाउडर युक्त दूध आवंटित कर सप्लाई की गई है। उधर, स्कूल प्रशासन का कहना है विद्यालयों में मिल्क पाउडर दूध मिल गया है लेकिन वितरण करने की तारीख और आदेश अभी तक नहीं मिले हैं। इस कारण बच्चों को अभी दूध नहीं दिया जा रहा है।
नाम बदलकर किया मुख्यमंत्री बाल गोपाल योजना
पूर्ववर्ती वसुंधरा सरकार में मिड डे मील योजना के तहत 2 जुलाई 2018 को अन्नपूर्णा दूध योजना शुरू की थी। जिसे वर्तमान सरकार ने मार्च 2020 में बंद कर दिया था। पिछली सरकार की ओर से छात्रों को सप्ताह में 3 दिन दूध दिया जाता था। जिसे अगस्त महीने से सप्ताह में सोमवार से शनिवार तक 6 दिन कर दिया गया था। गहलोत सरकार ने वैश्विक महामारी कोरोना फैलने पर इस योजना को बंद कर दिया था।
- जिले के अधिकतर स्कूलों में सरस का मिल्क पाउडर सितंबर महीने में आ गया है। लेकिन अभी तक वितरण की तारीख तय नहीं होने से छात्रों को दूध नहीं दिया जा रहा है। वहीं डीईओ कार्यालय की ओर से अभी तक विद्यालयों को चीनी एवं नामांकन के अनुरूप गिलास क्रय करने की राशि भी नहीं जारी की गई है। सीएम बाल गोपाल योजना के तहत दूध मिलने से छात्रों की सेहत में सुधार के साथ स्कूलों में बच्चों का ठहराव व नामांकन बढ़ोतरी में फायदा मिलेगा
राजेश शर्मा, जिलाध्यक्ष, राजस्थान शिक्षक एवं पंचायती राज कर्मचारी संघ धौलपुर
- बाल गोपाल योजना को लेकर फिलहाल को दिशा-निर्देश नहीं मिले हैं। योजना का शुभारंभ कब होगा, इसको लेकर भी कोई निर्देश नहीं आए हैं।- आशीष व्यास, उपायुक्त, मिड डे मील राजस्थान
Published on:
02 Nov 2022 11:59 pm
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