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Birds Died: सांभर झील में बढ़ रहा घातक प्रदूषण, खेल रहे पक्षियों की जिंदगी से

रामसर साईट कन्वेंशन संधि समझौते की शर्तों का उल्लंघन करते हुए सैकड़ों अन्य लोगों को नमक उत्पादन के लिए किराये व लीज पर दे दी है।
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अजमेर

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raktim tiwari

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Updated: 17 Nov 2019, 7:58 PM IST

migratory birds

migratory birds

अजमेर. पीपुल फॉर एनीमल्स संस्था के प्रदेश प्रभारी बाबूलाल जाजू ने हाल ही में विश्वविख्यात सांभर झील (sambhar lake) में 15 हजार से अधिक देश-विदेशी पक्षियों (migratory birds) की मौत का जिम्मेदार राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण मण्डल को बताया है। उन्होंने कहा कि पक्षियों की मौत सांभर झील में सांभर साल्ट लिमिटेड द्वारा फैलाये गये प्रदूषण से हुई है।

राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण मण्डल इतनी बड़ी घटना के बावजूद अब तक मौन है। जाजू ने आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश के इतिहास में इतनी बड़ी संख्या में परिंदो की मौत (birds death) हो जाने के बाद भी प्रदूषण नियंत्रण मण्डल के जिम्मेदार अधिकारियों का झील पर नहीं आना उनकी गैर जिम्मेदारी को दर्शाता है।

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शर्तों का किया उल्लंघन
जाजू ने बताया कि सांभर साल्ट लिमिटेड (sambhar salt) द्वारा कौडिय़ों में लीज पर ली गई 90 वर्ग किमी झील में से हजारों बीघा भूमि को रामसर साईट कन्वेंशन संधि समझौते की शर्तों का उल्लंघन करते हुए सैकड़ों अन्य लोगों को नमक उत्पादन के लिए किराये व लीज पर दे दी है व लीजधारकों से करोड़ो रूपया वसूला जा रहा है। सांभर साल्ट लिण् द्वारा वेटलेंड रूल्स 2010 को धत्ता बताते हुए कई कच्चे-पक्के निर्माण करने के साथ सैकड़ों गहरी खाईयां (mines) व ओपन वेल (open well) खोद दिये हैं। सांभर साल्ट लिण् द्वारा झील में दो रिफाईनरीज लगाकर प्रदूषण फैलाया जा रहा है वहीं अन्य अवैध रूप से नमक बनाने वालों ने बड़ी संख्या में रिफाईनरीज स्थापित कर रखी है जो प्रदूषण फैलाने का काम कर रही है।

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झील में कचरा व गंदगी
जाजू ने बताया कि सांभर साल्ट लिमिटेड ने प्रशासन की अनदेखी के चलते झील परिसर में रिसोर्ट चलाने के लिए भी झील परिसर को लीज पर दे रखा है और रिसोर्ट मालिक पर्यटकों से अवैध रूप से मोटी रकम वसूल रहे हैं तथा रिसोर्ट का कचरा (garbage) व गंदा पानी (pollute water) भी झील में ही जा रहा है। जाजू ने बताया कि झील में संचालित दो रिफाईनरीज का कचरा भी झील में जा रहा है व रिफाईनरी की चिमनी भी धुआं उगल रही है वह भी परिंदो के लिए घातक साबित हुई है।

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केमिकल का उपयोग
नमक उत्पादन के लिए केमिकल (chemical) का उपयोग होता है वह भी परिंदो के लिए घातक साबित होते हुए नमक में अत्यधिक खारापन होने से परिंदो की मौत का मुख्य कारण रहा है। जाजू ने राज्य के मुख्यमंत्री से व केन्द्रीय वन पर्यावरण मंत्री से बड़ी संख्या में परिंदो की मौत की उच्चस्तरीय जांच की मांग करते हुए कहा कि निष्पक्ष जांच (investigation)एजेंसी से जांच कराई जाए तो अनेक अनियमितताएं उजागर होगी व परिंदो के मौत के जिम्मेदार तक पहुंचा जा सकता है।

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