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तबीजी दुखांतिका – हादसे में घायल की आंखों की रोशनी पर टिकी फौज की नौकरी

तबीजी दुखांतिका में घायल आनन्द सिंह की सेना में नौकरी दांव पर लग गई है। उसकी दाहिनी आंख की रोशनी धुंधला चुकी है।

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boy's army job in danger because of tabiji accident

तबीजी दुखांतिका - हादसे में घायल की आंखों की रोशनी पर टिकी फौज की नौकरी

मनीषकुमार सिंह /अजमेर.तबीजी दुखांतिका में घायल आनन्द सिंह की सेना में नौकरी दांव पर लग गई है। उसकी दाहिनी आंख की रोशनी धुंधला चुकी है। किसान पिता और पांच भाई में सबसे छोटे आनन्दसिंह को अब फौज की नौकरी मिलना मुश्किल नजर आ रहा है। हालांकि चिकित्सकों ने आंखों की जांच और उपचार का भरोसा दिलाया है।

तबीजी के निकट गत रविवार रोडवेज बस व डम्पर की टक्कर में घायल हुए राजसमन्द जिले के बादनी गांव निवासी आनन्द सिंह पुत्र चुन्नी सिंह का मंगलवार को मेडिकल कराया गया। आनन्दसिंह ने बताया कि उसको दाहिनी आंख से नजर नहीं आ रहा है। टॉर्च का प्रकाश डालने पर धुंधली रोशनी नजर आती है। मेडिकल ज्यूरिस्ट ने भी दाहिनी आंख के ऊपर लगी चोट का असर बताते हुए नेत्र रोग विशेषज्ञ परामर्श के लिए भेजा है।

नेत्र रोग विशेषज्ञ ने भी आनन्द सिंह को जयपुर में जांच व समय रहते उपचार कराने की सलाह दी है। टूट जाएगा सपनाआनन्द सिंह ने बताया कि उसका और उसके दोस्त दिलीप सिंह का सेना में चयन हो चुका था। आगामी 29 जुलाई को कोटा में लिखित परीक्षा है। परीक्षा की तैयारी के लिए वह जयपुर जा रहे थे। दुर्घटना के वक्त आनन्द बस में परिचालक के बगल वाली सीट पर तथा दिलीप उसके पीछे वाली सीट पर खिड़की के पास बैठा था। हादसे में दिलीप तथा परिचालक की मौत हो गई। वहीं हादसे ने आनंद सिंह केआंख व नाक पर गहरी चोटें आई। अब अगर ुसकी आंखों की रोशनी नहीं लौटी तो उसका और उसके परिवार का सेना में भर्ती का सपना और उम्मीद टूट जाएगी।