मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के प्रदेश के सभी संभाग मुख्यालयों से अयोध्या तक सीधी बस सेवा उपलब्ध करवाए जाने की घोषणा के बाद विभागीय स्तर पर कवायद शुरू हो गई है।
अजमेर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के प्रदेश के सभी संभाग मुख्यालयों से अयोध्या तक सीधी बस सेवा उपलब्ध करवाए जाने की घोषणा के बाद विभागीय स्तर पर कवायद शुरू हो गई है। रोडवेज प्रबंधन ने अजमेर व आस-पास के क्षेत्रों से आने वाले यात्रीभार व दूरी आदि का ब्यौरा मुख्यालय भेजा है। जिसकी मंजूरी के बाद ही सेवा शुरू हो सकेगा। वहीं वाहनों के विषय में जानकारी देते हुए अजमेर डिपो के मुख्य प्रबंधक दीपक कुमावत ने बताया कि मुख्यालय से चर्चा चल रही है। नए वाहन मिलेंगे या मौजूदा वाहनों से संचालन शुरू किया जाएगा इस संबंध में मुख्यालय से मंजूरी मिलने पर ही कुछ कहा जा सकता है।
न्यूनतम तीन बसों की होगी जरूरत
अजमेर से अयोध्या की दूरी 901 किमी है। इसमें करीब 16 घंटे से अधिक का समय लगेगा। जिसके बीच में जयपुर, भरतपुर, आगरा, फिरोजाबाद, कानपुर, कन्नौज, सीतापुर आएंगे। प्रतिदिन बस सेवा के लिए कम से कम तीन बसों की आवश्यकता रहेगी।
फरवरी में मिल सकती हैं 10 नई बसें
राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम के अजमेर डिपो को फरवरी में 10 नई बसें मिल सकती हैं। हालांकि यहां अजमेर व अजयमेरू दो डिपो हैं। अजमेर के दोनों डिपो को करीब 10 बसें मिलने की उम्मीद है।
यूपी रोडवेज की बसें भी संचालित
अजमेर डिपो से फिलहाल आगरा, कानपुर के लिए रोडवेज बस संचालित है। यूपी रोडवेज की बसें इस मार्ग पर पहले से ही संचालित हैं। इनमें कानपुर, सीतापुर, लखनऊ, बाराबंकी की ओर से बसें चल रहीं हैं। दोनों राज्यों की बसों के समानांतर चलने से राजस्थान रोडवेज को यात्रीभार की चुनौती रहेगी।