
क्रेता-विक्रेता खुद कर सकेंगे स्टांप डयूटी व डीएलसी दरों की गणना
अजमेर. अब किसी संपत्ति के पंजीयन पर लगने वाली स्टांप ड्यूटी, क्षेत्र विशेष की डीएलसी दरें आदि का आंकलन और गणना क्रेता-विक्रेता स्वयं कर सकेंगे। पंजीयन व मुद्रांक विभाग ई-पंजीयन प्रक्रिया को और उन्नत करेगा। इसके तहत डिजिटलाइज्ड डीएलसी के लिए विकसित सिटीजन एप निर्माण प्रक्रिया अंतिम चरणों में है। नेशनल इंफाॅर्मेशन सेंटर (एनआईसी) की टीम बुधवार को महानिरीक्षक (पंजीयन व मुद्रांक विभाग) कार्यालय पहुंची। महानिरीक्षक महावीर प्रसाद की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक हुई। इसमें ई पंजीयन क्षेत्र में अब तक की प्रगति की समीक्षा की गई।
अफसरों को कार्य प्रणाली बताई
आईजी महावीर प्रसाद ने बताया कि 'मौका निरीक्षण' एप पूर्व में ही विकसित की जा चुकी है। अब सिटीजन एप के माध्यम से रजिस्ट्री के स्लॉट आवंटन, ई पंजीयन आदि के कामकाज की प्रगति की जानकारी ली। टीम के साथ आए सदस्यों ने विभाग के अधिकारियों को एप के इस्तेमाल की जानकारी दी। डिजिटलाइज्ड डीएलसी के जरिए पंजीयन में लगने वाली स्टांप ड्यूटी का सटीक आंकलन किया जा सकेगा।
15 अगस्त तक पायलट प्रोजेक्ट शुरू होने की उम्मीद
विभागीय स्तर पर ई-पंजीयन में गति लाने के लिए सभी एप जल्द शुरू होंगी। कुछ तहसीलों में पायलट प्रोजेक्ट के तहत इस प्रणाली को लागू करने की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। समीक्षा बैठक में तकनीकी निदेशक एनआईससी राजेश वर्मा, अतिरिक्त उपमहानिरीक्षक सीमा शर्मा, एफए आनंद आशुतोष, नीतू शर्मा, उमेश जोशी, शेर सिंह आदि अधिकारी मौजूद रहे।
महानिरीक्षक महावीर प्रसाद की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक हुई। इसमें ई पंजीयन क्षेत्र में अब तक की प्रगति की समीक्षा की गई।
Published on:
19 Jul 2023 11:05 pm

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