
महाराणा प्रताप सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष व कार्यकर्ताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज
अजमेर.ख्वाजा साहब की दरगाह में हिन्दू मंदिर व प्रतीक चिन्ह होने का दावा करने वाले दिल्ली के संगठन महाराणा प्रताप सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजवर्धन सिंह व उनके कार्यकर्ताओं के खिलाफ दरगाह थाना पुलिस ने उकसाने की नीयत से दुर्भावनापूर्वक धार्मिक टिप्पणी करने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया है।
महाराष्ट्र की हजरत ख्वाजा गरीब नवाज वेलफेयर सोसायटी के सचिव मोहम्मद युसूफ उमर अंसारी ने 28 मई को राजवर्धनसिंह व अन्य के खिलाफ रिपोर्ट दी। शिकायत में सूफी संत पर अनर्गल टिप्पणी कर देश में हिन्दु-मस्लिम एकता और अखण्डता को तोड़ने व माहौल खराब करने के आरोप लगाए थे। रिपोर्ट में अनर्गल बयानबाजी से देश की एकता व अखण्ड़ता को तोड़ने की कोशिश के आरोप में अध्यक्ष व अन्य कार्यकर्ताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की थी। पुलिस ने प्रकरण दर्जकर अनुसंधान उप निरीक्षक उगमाराम को सौंपा है।
यहां पर दी थी शिकायत
अंसारी ने शिकायत की प्रति दरगाह थानाप्रभारी के अलावा राष्ट्रपति, राजस्थान के राज्यपाल, सांसद अर्जुनराम मेघवाल आदि को भेजी है। उमर अंसारी मामले में सोसायटी के अन्य पदाधिकारियों के साथ 30 मई को पुलिस अधीक्षक विकास शर्मा से मुलाकात कर सेना के पदाधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की थी।
यह है मालमा
अंसारी ने 29 मई को अजमेर पहुंचकर दरगाह थाने में दिया था। परिवाद में बताया कि महाराणा प्रताप सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजवर्धन सिंह ने गत दिनों मीडिया को ख्वाजा साहब के बारे में अनर्गल बयान देकर देश की एकता व अखण्ड़ता को तोड़ने का प्रयास किया है। कमेटी ने मांग की है कि महाराणा प्रताप सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष और अन्य कार्यकर्ता, जिन्होंने गरीब नवाज के बारे में टिप्पणी की है उनके खिलाफ आईपीसी की धारा 295-ए, 153-ए में मुकदमा दर्जकर कठोर कार्रवाई की जाए।
Published on:
01 Jun 2022 02:43 am

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