
CBSE Exam : साल में दो बार सीबीएसई बोर्ड एग्जाम कराए जाने के लिए शिक्षा मंत्रालय तेजी से काम कर रहा है। नए नियम बनाए जा रहे हैं। पहले जहां फरवरी-मार्च में एक बार सीबीएसई परीक्षा होती थी, अब साल में दो बार परीक्षा होगी। दूसरी बोर्ड परीक्षा जून में होगी। 12वीं में किसी विषय में फेल होने पर जुलाई में सप्लीमेंट्री परीक्षा होती थी। जो बच्चे परीक्षा पास नहीं कर पाते थे या जिनका रिजल्ट कंपार्टमेंट आता था, वो भी सप्लीमेंट्री एग्जाम दे सकते थे। अब वे जून में होने वाली परीक्षा में शामिल होंगे। इस परीक्षा में वे पसंद के विषय या सभी विषयों की परीक्षा दोबारा दे सकेंगे। यह योजना 2026 से लागू होगी।
सीबीएसई को दूसरी परीक्षा कराने के लिए 15 दिन व रिजल्ट घोषित करने में एक माह का समय लगेगा। जेईई मेन परीक्षा के तरह जिस परीक्षा में नंबर अच्छे आएंगे, उसी से फाइनल रिजल्ट बनेगा।
विद्यार्थियों को तनाव रहित वातावरण देने के लिए साल 2025 काफी अहम होगा। परीक्षाओं में नवाचार के लिहाज से सीबीएसई, महर्षि दयानंद सरस्वती विवि. सहित इंजीनियरिंग-मेडिकल की परीक्षाओं में कई बदलाव देखने को मिलेंगे। सत्र 2025-26 से सीबीएसई की दसवीं और बारहवीं की परीक्षा साल में दो बार होगी जहां दूसरी परीक्षा जून में होना प्रस्तावित किया गया है। शिक्षा मंत्रालय द्वारा इसकी सहमति पहले ही दी जा चुकी है। विद्यार्थी बोर्ड परीक्षाओं में अपनी सुविधानुसार एक या दोनों बार भाग ले सकेंगे।
देश के इंजीनियरिंग संस्थानों में अंग्रेजी के अलावा हिंदी में पाठ्यक्रम बनाने की कवायद चल रही है। अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद बी.टेक के प्रथम सेमेस्टर में नया पाठ्यक्रम लागू करेगा। अंग्रेजी की तरह पूरे देश में 70 प्रतिशत पाठ्यक्रम एक जैसा होगा। 30 प्रतिशत पाठ्यक्रम में संबंधित राज्य स्थानीय और औद्योगिक आवश्यकताओं के अनुसार बदलाव कर सकेंगे। बी. टेक की पढ़ाई के दौरान 20 प्रतिशत कक्षाएं ऑनलाइन होंगी।
यूजी तृतीय वर्ष में सेमेस्टर सिस्टम : सत्र 2023-24 में प्रथम वर्ष में सेमेस्टर सिस्टम लागू हुआ था। सत्र 2024-25 में द्वितीय वर्ष में इसकी शुरुआत हुई है। 2025-26 में तृतीय वर्ष में इसके तहत साल में दो बार परीक्षाएं होंगी।
Updated on:
18 Jul 2024 08:54 am
Published on:
18 Jul 2024 08:54 am
