सीसीबी अजमेर का बैंक कार्मिकों से एक और छलावा उजागर

एमडी ने खुद का उपार्जित अवकाश का भुगतान उठाया

कर्मचारियों का मामला जयपुर ही नहीं भेजा

31 दिसम्बर को लैप्स हो जाएगा 15 दिवसीय उपार्जित अवकाश

4 सितम्बर को प्रशासनिक कमेटी ने पास कर दिया था प्रस्ताव

By: bhupendra singh

Updated: 28 Dec 2020, 10:38 PM IST

भूपेन्द्र सिंह

अजमेर. अपने कार्यकाल में विभिन्न मामलों को लेकर चर्चा में रहने वाले अजमेर सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक CCB Ajmer के एपीओ हो चुके पूर्व एमडी MD बजरंग लाल झारोटिया को एक और कारनामा सामने आया है। झारोटिया ने अपना स्वयं का 15 दिवस के सरेन्डर लीव के हजारों रुपए का भुगतान तो प्राप्त कर लिया लेकिन बैंक के सैकड़ों कार्मिको bank personnel के 15 दिन के सरेंडर लीव के प्रस्ताव को जयपुर ही नहीं भेजा। नतीजतन बैंक में कार्यरत कार्मिकों का यह 15 दिवसीय उपर्जित वेतान परिलाभ 31 दिसम्बर 2020 को लैप्स हो जाएगा। इससे उन्हें आर्थिक हानि उठानी पड़ेगी। जबकि बैंक की प्रशासनिक कमेटी की 4 सितम्बर 2020 को हुइ बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूर किया गया था। बैठक कार्यवाही का विवरण व रजिस्ट्रार जयपुर को भेजा जाने वाला पत्रांक/1253 दिनांक 5 सितम्बर 2020 को ही तैयार हो गया था। कर्मचारियों के बार-बार विरोध एवं मांग को देखते हुए कामिकों को बोल दिया कि देखो मैने ये पत्र रजिस्ट्रार जयपुर को भेजा दिया है जबकि झारोटिया ने पत्र मय पत्रावली अलमारी में ही दबाए रखा।

कर्मचारी लिखते रहे स्मरण पत्र

कर्मचारी एमडी का भरोसा करते रहे। जब कार्यरत कार्मिकों ने जयपुर जाकर पता लगाया तो उनके होश फ ाख्ता हो गए। कर्मचारी बैंक एमडी को स्मरण पत्र लिखते रहे लेकिन प्रस्ताव व पत्र आलमारी से बाहर नहीं आ सका। अंतिम स्मरण पत्र 16 दिसम्बर 2020 को लिखा गया। कर्मचारियों का आरोप है कि तत्तकालीन एमडी झारोटिया ने कर्मचारियों के वित्तीय अधिकारों का शोषण किया।

सदस्यों को भी नहीं मिला कार्यवाही विवरण

बैंक के प्रशासनिक कमेटी के सदस्य संचालकों का कहना है कि 4 सितम्बर 2020 को हुई प्रशासनिक कमेटी की बैठक का कार्यवाही विवरण उन्हें आज तक नहीं भेजा गया है। अब देखना है कि बैंक की नवनियुक्त प्रबन्ध निदेशक रेणू अग्रवाल 31 को लैप्स होने वाले इस लाभ से कार्यरत कार्मिकों को लाभान्वित करा पाती है या नहीं।

2 करोड़ का एरियर भुगतान नहीं करने पर हुए थे एपीओ

बजरंग लाल झारोटिया को चार दिन पूर्व सहकारिता विभाग ने एपीओ कर दिया था। झारोटिया ने सहकारिता विभाग के आदेश के एक साल बाद भी कर्मचारियों व पेंशनर्स का करीब दो करोड़ का बकाया एरियर का भुगतान नहीं किया। जबकि उस राशि पर पीएफ व इनकम टेक्स की कटौती कर इन विभागों को जमा भी करवा दिया गया। एमडी ने सहकारिता विभाग को भी गुमराह करते हुए पत्र लिखकर गलत जानकारी भेजी। राजस्थान पत्रिका ने इस मामले को प्रमुखता से उजागर किया था। इसके बाद जिला कलक्टर ने मामले की जांच शुरु करवाई थी जबकि सहकारिता विभाग के रजिस्ट्रार ने झारोटिया को कारण बताओ नोटिस जारी अनुशासनात्मक कार्यवाही की चेतावनी दी थी।

(इस मामले में बैंक के तत्तकालीन एमडी बजरंग लाल झारोटिया से उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया लेकिन उन्होनें फोन नहीं उठाया)

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bhupendra singh Reporting
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