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Census: अजमेर डिवीजन में कितने हैं वन्य जीव, यूं आएगी हकीकत

स्टाफ यह रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंपेगा। यह रिपोर्ट मुख्यालय भेजी जाएगी।

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wild animal census

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अजमेर.

वन विभाग की सालाना वन्य जीव गणना शनिवार सुबह पूरी हो गई। वनकर्मियों ने 78 वाटर हॉल पर चिन्हित स्थानों के निकट मचान बनाकर और पहाड़ी इलाकों में मोर्चा संभाला। इस दौरान छोटे और बड़े वन्य जीवों को पहचानकर उनकी गणना हुई। अब स्टाफ यह रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंपेगा।

जिले के अजयपाल बाबा मंदिर, गौरी कुंड, चौरसियावास तालाब, आनासागर, फायसागर, चश्मा ए नूर, नरवर, मदार, हाथीखेड़ा, नसीराबाद और अन्य इलाकों में जलाशयों के निकट वन कर्मियों ने मोर्चा संभाला। किशनगढ़ में गूंदोलाव झील, ब्यावर में सेलीबेरी, माना घाटी, पुष्कर में गौमुख पहाड़, बैजनाथ मंदिर, नसीराबाद में सिंगावल माताजी का स्थान, माखुपुरा नर्सरी के निकट, कोटाज वन खंड, सरवाड़ में अरवड़, अरनिया-जालिया के बीच और अन्य वाटर हॉल पर गणना हुई। शनिवार सुबह 8 बजे यह कार्य खत्म हो गया।

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वन्य जीवों के खींचे फोटो
रेंजर, फॉरेस्ट के साथ वन्य जीव प्रेमियों और कार्मिकों ने मोर्चा संभाला। वन्य जीवों की फोटो खींचे गए। इसके अलावा पगमार्क भी लिए गए। जिले में कितने वन्य जीव हैं इसकी वास्तविक स्थिति रिपोर्ट में सामने आएगी। स्टाफ यह रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंपेगा। यह रिपोर्ट मुख्यालय भेजी जाएगी।

पैंथर-बघेरे पर रही खास निगाहें
वन कर्मियों की पैंथर पर खास निगाहें रहीं। बीते चार-पांच महीने में ब्यावर, अंधेरी देवरी, मसूदा-जवाजा क्षेत्र में पैंथर, बघेरे देखे गए हैं। वन विभाग की गणना में राजगढ़ इलाके में शावक के साथ मादा पैंथर दिखी थी। कुंडाल में भी पैंथर को चिन्हित किया गया था। इससे पहले की गणना में कभी पैंथर चिन्हित नहीं हुआ था।

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कॉलेज में 1 जुलाई से पढ़ाई, प्रोविजनल एडमिशन 15 जून से

अजमेर. कोरोना संक्रमण स्थिति को देखते हुए राज्य के सरकारी कॉलेज में ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया शुरू होगी। द्वितीय, तृतीय वर्ष तथा स्नातकोत्तर उत्तर्राद्र्ध के लिए 15 से 30 जून तक ऑनलाइन प्रवेश नवीनीकरण होंगे। लॉकडाउन और कोरोना संक्रमण के चलते उच्च शिक्षा विभाग ने द्वितीय, तृतीय वर्ष तथा स्नातकोत्तर उत्तर्राद्र्ध के विद्यार्थियों को प्रोविजनल प्रवेश देने का फैसला किया है। कॉलेज शिक्षा निदेशालय ने इसकी तिथियां जारी कर दी हैं।