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मेकअप का बदला अंदाज, हर्बल उत्पादों का इस्तेमाल बढ़ा

दीपोत्सव को लेकर ब्यूटी पार्लर संचालक उत्साहित शृंगार का महत्व आदि काल से चला आ रहा है। कहा जाता है शृंगार व्यक्ति का रूप बदल देता है। शृंगार प्रतिमा में भी जान डाल देता है। भारतीय संस्कृति में शृंगार का महत्व शुरू से ही रहा है। कोई भी समारोह उत्सव या पर्व पर शृ़ंगार करना पहली कड़ी होती है। महिलाएं शृंगार के प्रति संवेदनशील रहती हैं।

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अजमेर

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Dilip Sharma

Oct 02, 2022

मेकअप का बदला अंदाज, हर्बल उत्पादों का इस्तेमाल बढ़ा

मेकअप का बदला अंदाज, हर्बल उत्पादों का इस्तेमाल बढ़ा

अजमेर. शृंगार का महत्व आदि काल से चला आ रहा है। कहा जाता है शृंगार व्यक्ति का रूप बदल देता है। शृंगार प्रतिमा में भी जान डाल देता है। भारतीय संस्कृति में शृंगार का महत्व शुरू से ही रहा है। कोई भी समारोह उत्सव या पर्व पर शृ़ंगार करना पहली कड़ी होती है। महिलाएं शृंगार के प्रति संवेदनशील रहती हैं। इसमें वस्त्रों से लेकर चेहरे का मेकअप मेहंदी आदि शमिल होते हैं। ऐसे में ब्यूटिशियन की भूमिका भी बढ़ गई है। मौजूदा परंपराओं को देखें तो अब थीम बेस्ड मेकअप होने लगा है। इसमें बर्ड डे, किट्टी, वार त्योहार व विवाह समारोह, दुल्हन मेकअप आदि विभिन्न आयामों में बदला है। दीपोत्सव व रूप चतुर्दशी के मौके पर भी महिलाएं विशेष शृंगार करती हैं। महिलाओं का कहना है कि वह अब ब्यूटी पार्लर जाना केवल तैयार होने से अर्थ नहीं है, वरन थीम बेस तैयारी होती है। जैसा कार्यक्रम होता है उसी के अनुरूप मेकअप किया जाता है।

२५ हजार तक खर्च

कॉस्मेटिक सामग्री भी हर्बल बेस आने लगी है। इसमें त्वचा का ध्यान रखते हुए केमिकल के इस्तेमाल के प्रति भी महिलाएं संवेदनशील हो चुकी हैं, जिससे वह जरूरी मेकअप ही करती हैं। एक अनुमान के अनुसार रुटिन कार्य के लिए १०० रुपए से ५०० रुपए तक प्रति व्यक्ति कमाई होती है। जबकि स्पेशल मेकअप १५०० रुपए से शुरू होकर २५ हजार रुपए तक भी लिया जाता है।

कार्यक्रम के अनुसार मेकअप

हर्बल आईटम में केमिकल कम होते हैं जो ग्राहकों की पहली पसंद होती हैं। एचडी, सीडी, सिलिकोन, ग्लौसी मेकअप कराए जाते हैं। उत्पादों के कम ज्यादा प्रयोग से गहरा व हल्का मेकअप किया जा सकता है। दिन-रात के कार्यक्रम अनुसार मेकअप कराए जाते हैं।

- सरोज शर्मा

बदल गई थीम

बीबी क्रीम फाउंडेशन, प्राइमर लिक्विड कंसीलर, मस्कारा, लिपिस्टिक के कलर भी मेकअप अनुसार होने लगे हैं। पार्टी अनुसार बर्थ डे, किटी पार्टी, विवाह समारोह व अन्य उत्सव अनुसार मेकअप की थीम बदल गई है। आयुर्वेद के उत्पाद, सन स्क्रीन आदि प्रचलन में है।

- ईशिका डीडवानिया

हल्के रंग पहली पसंद

आईलाइनर, नेचुरल व हल्के मेकअप पसंद किए जा रहे हैं। पारंपरिक क्रीम व कोल्डक्रीम, फाउंडेशन आदि के स्थान पर कई जैल व अन्य तरल उत्पाद आ गए हैं जो महिलाओं को पसंद आ रहे हैं। आई शेडो, लैशेज व मेहंदी आदि भी मेकअप का महत्वपूर्ण भाग बन चुके हैं।

- हिना

आर्टिफिशियल की जगह नेचुरल उत्पादों से मेकअप कराया जाने लगा है। शिमरी ग्लौसरी, मिनरल मेकअप से बच्चों जैसी त्वचा नजर आती है। ब्राइडल मेकअप पर भी खूब खर्च होने लगे हैं। शादी विवाह में दुल्हन के साथ रिश्तेदार महिलाएं भी थीम बेस मेकअप करवाती हैं।

- सपना तूनवाल