
collector shows anger on engineers
भूपेन्द्र सिंह/अजमेर।
नसीराबाद बाइपास के निर्माण से पूर्व करवाए जाने वाले सोशल इम्पेक्ट सर्वे को करवाने में लापरवाही बरत रहे सार्वजनिक निर्माण विभाग के अभियंताओं को जिला कलक्टर गौरव गोयल ने जमकर लताड़ा। उन्होंने कहा कि ठेकेदारों के लिए और ठेकेदारों की सुविधा के लिए काम मत करो। सरकार और सरकार की सुविधा के लिए काम करो।
नसीराबाद बाइपास निर्माण से पूर्व इसका सोश्यल इम्पेक्ट असेसमेंट करवाए जाने के लिए एमडीएस यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर लक्ष्मी ठाकुर को जिम्मा सौंपा था। प्रो. ठाकुर ने 26 मार्च को ही क्षेत्र में जनसुवाई के लिए 9 व 10 अप्रेल की तिथि निर्धारित कर दी थी। लेकिन पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने गांववालों को इसकी जानकारी ही नहीं दी और न ही किसी तरह की तैयार ही की।
इससे सर्वे के लिए गए अधिकारियों की टीम वापस को वापस लौटना पड़ा। जिला कलक्टर ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि सर्वे नहीं होने से काम अटक रहा है। प्रोफेसर ने सर्वे के लिए पीडब्ल्यूडी के इंतजामों की जानकारी कलक्टर को दी। वहीं पीडब्ल्यूडी ने भी चि_ी लिखकर देरी के लिए सर्वे टीम को जिम्मेदार बताया है।
9 तो आज ही है
कलक्टर ने कहा कि सर्वे आज ही करना है। कलक्टर ने पीडब्ल्यूडी के अभियंताओं से बात की तो उन्होंने कहा कि सर्वे 9 को है इस पर कलक्टर ने कहा कि 9 तो आज ही है। कलक्टर के निर्देश पर टीम नसीराबाद दोबारा वापस लौटी।
सुविधाविहीन रेस्ट हाउस में ठहराया
पीडब्ल्यूडी ने रिसर्च स्कॉलर व अधिकारियों को पीडब्ल्यूडी का रेस्ट हाउस दे दिया। जिसके बिजली का कनेक्शन 6 माह से कटा हुआ है। इसमें पानी व खाने की भी व्यवस्था नहीं थी। पीडब्ल्यूडी अधिकारियों ने कहा कि हम कोई व्यवस्था नहीं कर सकते रहना हो तो रहो। पीडब्ल्यूडी अधिकारी सर्वे टीम का किराया, लीगल एडवाइजर, वीडियोग्राफर तथा रिसर्च स्कॉलर का भी भुगतान नहीं कर रहे।
कई क्षेत्रों में होगा सर्वे
सर्वे टीम बाइपास से होने वाले असर और सामाजिक बदलाव का सर्वे करेगी। जनता की समस्याएं सुन शंका का समाधान करेगी। टीम ने राजोसी क्षेत्र के ब्राह्मणों की ढाणी, डंूगाजी की बाड़ी तथा देवला की डांग में सर्वे किया। मंगलवार को बलवंता तथा नागेलाव में सर्वे किया जाएगा।
Published on:
10 Apr 2018 10:24 am

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