
किसी से नहीं मांगें नौकरी, रोजगार देने वाले बनें युवा
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि वैश्विक प्रतिस्पर्धा के दौर में चौतरफा चुनौतियां बढ़ रही हैं। भारतीय युवाओं को अपना दृष्टिकोण बदलने की बहुत जरूरत है। कभी यूनिवर्सिटी-कॉलेज में प्लेसमेंट, नौकरी व्यवसाय के लिए जाने जाते थे। युवाओं को अब अनुभव और ज्ञान से रोजगार सृजक बनना चाहिए। यह बात लोकसभा अध्यक्ष बिरला ने राजस्थान केंद्रीय विश्वविद्यालय के दीक्षान्त समारोह में कही। समारोह में उन्होंने साल 2020 और 2021 के 82 स्वर्ण पदक,116 पीएचडी तथा 1283 उपाधियां वितरित की।
उन्होंने कहा कि आज कोई मुल्क भारत की उपेक्षा नहीं कर सकता है। स्वाधीनता आंदोलन भी युवाओं की भागीदारी से सफल हुआ। देश ने कई कीर्तिमान बनाए। 75 साल में हमारे डॉक्टर, इंजीनियर, वैज्ञानिक, शिक्षक और उद्यमियों ने दुनिया में वर्चस्व स्थापित किया है।
गूगल, माइक्रोसॉफ्ट जैसी दुनिया की नामचीन कंपनियों तथा विदेशी मुल्कों में अहम पदों पर भारतीय कार्यरत हैं। आज दुनिया भारत की तरफ निगाहें गड़ाए बैठी है। देश की आर्थिक सामाजिक स्थिति को सिर्फ युवा पीढ़ी बदल सकती है। सौ साल बाद कैसा भारत चाहिए यह नौजवान ही तय कर सकते हैं। इससे पूर्व कुलपति प्रो. आनंद भालेराव ने प्रतिवेदन पेश किया। कुलसचिव कर्नल बी.वेंकट ने स्वागत किया। व्यस्तता के चलते विश्वविद्यालय के चांसलर डॉ. कस्तूरी रंगन समारोह में नहीं आए।
कीर्तिमान बना रही बेटियां
बिरला ने कहा कि बेटियां और महिलाएं किसी क्षेत्र में पीछे नहीं है। वे नित-नए कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं। शिक्षा, सुरक्षा, अंतरिक्ष, खेलकूद, प्रशासन में उनकी भागीदारी बढ़ रही है। जिस प्रकार छात्राओं ने मेडल, डिग्री लेकर श्रेष्ठता दिखाई है, वह देश के लिये अच्छा संकेत है।
तप-तस्पया की धरती अजमेर
बिरला ने कहा कि अजमेर त्याग, तप और तपस्या की धरती है। सदियों से अजमेर शिक्षा जगत में अग्रणी रहा है। आजादी से पूर्व यहां विश्व विख्यात शिक्षा मंदिर रहे हैं। इसके अनुरूप राजस्थान केंद्रीय विश्वविद्यालय अपनी ख्याति बढ़ा रहा है।
युनिवर्सिटी धनुष, विद्यार्थी बाण
कुलपति भालेराव ने कहा कि राजस्थान केंद्रीय विवि धनुष और विद्यार्थी बाण हैं। सफलता और मुकाम तक पहुंचे बिना दोनों विश्राम नहीं कर सकते हैं। अर्जित ज्ञान, विज्ञान और शब्दों का उपयोग बेहद विचार के बाद करना चाहिए। एक श्रेष्ठ विद्यार्थी वही है, जो गुरु के दिखाए सच्चे मार्ग का अनुसरण करें।
चार बार लिया पीएम का नाम
समारोह में चार बार पीएम नरेंद्र मोदी का नाम लिया गया। कुलपति प्रो. भालेराव ने स्वाधीनता दिवस पर पीएम के भाषण तथा लोकसभा अध्यक्ष बिरला ने जलवायु परिवर्तन, आर्थिक-सामाजिक विकास और मूल्य आधारित शिक्षा-रोजगार को लेकर पीएम का जिक्र किया।
दीक्षान्त समारोह में छात्र कुर्ता-पाजामा और छात्राएं साडि़यां पहनकर शामिल हुई। समारोह में कुलपति, शिक्षक, डीन भी पारंपरिक भारतीय परिधान पहनकर शामिल हुए। बिरला को सीआरपीएफ के बैग पाइपर बैंड की धुनों के साथ समारोह स्थल तक लाया गया।
कुर्सी पर चलते रहे हाथ
विद्यार्थियों ने भारतीय वाद्य यंत्रों पर पारंपरिक स्वागत गीत गाया। लोकसभा अध्यक्ष बिरला भी इससे प्रभावित हुए। वे कुर्सी के हत्थे पर बैठे-बैठे हाथ चलाते रहे। बिरला को श्रीमद भागवत गीता, गणपति की प्रतिमा प्रदान की गई।
बटन से दीप प्रज्वलन
समारोह में पारंपरिक मोमबत्ती, अग्नि से दीप प्रज्वलन नहीं हुआ। मंच पर पड़े दो इलेक्ट्रॉनिक लैंब का रिमोट दबाकर बिरला ने दीप प्रज्वलन किया।
Published on:
17 Aug 2022 08:52 am
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