सीएम गहलोत के खास प्लान पर भारी पड़ रहा कोराना

राज्य में कोरोना संक्रमण बढ़ गया है। सरकार को चिकित्सा संसाधनों की बढ़ोतरी, ऑक्सीजन और दवाओं की उपलब्धता, फ्री-वेक्सीनेशन पर करोड़ों रुपए खर्च करने पड़ रही है।

By: raktim tiwari

Published: 04 May 2021, 08:15 AM IST

अजमेर.

राज्य सरकार ने बजट में पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा देने की घोषणा की है, लेकिन कोरोना संक्रमण के चलते योजनाओं को अमली जामा पहनाना आसान नहीं होगा। आगामी एक-दो साल तक देशी और विदेशी पर्यटन पर व्यापक असर पडऩा तय है।

सीएम अशोक गहलोत ने 24 फरवरी को बजट पेश किया था। इसमें पुष्कर स्थित होकरा में 90 हेक्टेयर में तथा सूरजकुंड ( कानबाय) में 150 हेक्टेयर में टूरिस्ट कॉम्पलेक्स के लिए बहुउद्धेश्य योजना बनाई जानी है। इससे भगवान विष्णु के तीर्थ कानबाय और पुष्कर के अरण्य तीर्थ का विकास होगा। क्षेत्र में पर्यटन सहित रोजगार को बढ़ावा मिलेगा।

कोरोना संक्रमण का असर
बीते अप्रेल से राज्य में कोरोना संक्रमण बढ़ गया है। सरकार को चिकित्सा संसाधनों की बढ़ोतरी, ऑक्सीजन और दवाओं की उपलब्धता, फ्री-वेक्सीनेशन पर करोड़ों रुपए खर्च करने पड़ रही है। ऐसे में पर्यटन सर्किट बनाए जाने की योजना पर असर पडऩा तय है। वित्तीय वर्ष 2021-22 प्रारंभ होने के साथ ही कोरोना कहर बरपा रहा है।

अजमेर जिले में है यह संभावनाएं...
अजमेर में मुगलकालीन अकबरी किला, ढड्ढों की हवेली, लोढा हवेली, सर्किट हाउस के अलावा तारागढ़ किला है। सावर, मसूदा, सरवाड़, भिनाय, बघेरा, जूनिया के किले, किशनगढ़ में नागरीदास सर्किट सैलानियों को आकर्षित कर सकते हैं। पुष्कर में जैसलमेर की तर्ज पर डेजर्ट पर्यटन को बढ़ावा दिया जा सकता है। इसके अलावा अरावली पर्वत श्रंखला राजस्थान और अजमेर का सौंदर्य है। अरावली पर पर्वतारोहण और माउन्टेन ट्रेकिंग से जुड़ी योजनाएं पर्यटन को बढ़ावा देने में सहायक है।

साल भर रहती है पर्यटकों की आवाजाही
राजस्थान सहित अजमेर में सालभर पर्यटकों की आवाजाही रहती है। यहां इटली, फ्रांस, इजरायल, जर्मनी, अमरीका, यूरोप अन्य स्थानों से विदेशी पर्यटक पहुंचते हैं। भारत में घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय हवाई सेवा बंद होने से यह फिलहाल नगण्य है।

फैक्ट फाइल..

पर्यटन से जिले में संचालित आर्थिक गतिविधियां- 35 से 45 प्रतिशत
जिले में पर्यटन आधारित नौकरियां (होटल, टैक्सी और अन्य)-25 से 30 हजार
विदेशी पर्यटकों से आय-5.3 प्रतिशत
देशी पर्यटकों से आय-65.7 प्रतिशत
(स्त्रोत-राजस्थान पर्यटन विकास निगम)

एक साल में पर्यटन पर असर
-विदेशी पर्यटकों की आवाजाही में कमी (75 से 90 प्रतिशत)
-घरेलू पर्यटन- सामूहिक सैर-सपाटे में गिरावट (45 से 70 प्रतिशत)
-होटल, परिवहन, खाद्य पदार्थ संचालकों की आय में कमी (45 से 55 प्रतिशत)

raktim tiwari Reporting
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