
marriage ceremony restrictions
अजमेर.
कोरोना संक्रमण का शादियों पर असर पर पड़ा है। सरकारी की गाइड लाइन और रेड अलर्ट कफ्र्यू के चलते लोग शादियों को टाल रहे हैं। इससे मेरिज होम और गार्डन संचालकों को भी परेशानियां हो रही हैं।
बीते वर्ष कोरोना के कारण बड़ी संख्या में लोगों ने शादियों को स्थगित किया था। इस साल मार्च-अप्रेल से शादियों की शुरुआत हुई। अब मई-जून में होने वाली कई शादियों पर असर दिख रहा है। सरकार की गाइडलाइन के अनुसार शादियों में अब महज 31 लोग ही शामिल हो सकते हैं। साथ ही समारोह के लिए महज तीन घंटे की अनुमति दी जा रही है। इसके चलते लोग मेरिज होम और गार्डन की बुकिंग को निरस्त कर सादगी से शादी समारोह की तैयारियों में जुट रहे हैं।
यह है शादियों का गणित
जिले में करीब 1500 से ज्यादा शादियां हैं। इनमें 3 से 31 मई तक पीपल पूर्णिमा, वैशाख पूर्णिमा और अन्य मुर्हूत हैं। करीब 650 से ज्यादा शादियां (पाणिग्रहण संस्कार) रात को हैं। जबकि 800 से ज्यादा शादियां दिन में कराई जाएंगी। मेरिज गार्डन संचालक अशोक कुमार ने बताया कि कोरोना की दूसरी लहर केे कारण कई आयोजकों ने शादियों को स्थगित कर तारीख आगे बढ़ा दी गई है। नई गाइडलाइन में पाबंदियां होने से समारोह की अवधि घटाई जा रही है।
इवेंट भी कैंसिल
ईवेंट मैनेजमेंट से जुड़े विशाल और किरण शर्मा ने बताया कि 31 मई तक करीब 1500 से ज्यादा शादियां होनी हैं। शहरों और गांवों में कई लोगों ने शादियों की तिथि बदली हैं। कई लोगों ने 5 से 30 जून के होने वाली शादियां भी स्थगित की हैं। इनमें पुष्कर के डेस्टिनेशन मेरिज और इवेंट की बुकिंग की गई थी। इन्हें भी कोरोना के कारण निरस्त किया गया है।
लौटाना पड़ रहा एडवांस
मेरिज होम और गार्डन संचालक बुकिंग राशि का 25 प्रतिशत राशि एडवांस के रूप में लेते हैं। लेकिन इस बार कोरोना के कारण अब मैरिज गार्डन से बुकिंग निरस्त हो रही है और ऐसे में संचालकों को एडवांस भी लौटाना पड़ रहा है। संचालकों की माने तो लोग शादियों में अधिक मेहमानों को बुलाना चहाते है, जबकि गाइडलाइन की अवहेलना करने पर एक लाख का जुर्माना है। ऐसे में संचालक तैयार नहीं हो रहे हैं।
Published on:
03 May 2021 08:50 am
