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अजमेर. राज्य में बनाए गए नए राजस्व गावों new revenue villages की जमाबंदी व नक्शे का समस्त विवरण मुख्य राजस्व गांव के मूल डाटा Data से अलग करना होगा। राजस्व मंडल ने इसके लिए सभी जिला कलक्टर को निर्देश जारी किए हैं। राज्य में वर्ष 2011 सेअभी तक के पिछले दस सालों में1450 नए राजस्व गांवों का सीमांकन किया गया है। इनमें से सर्वाधिक 450 नए राजस्व गांव बाड़मेर में बनाए गए हैं। इनमें भी अधिसंख्य गांवों का गठन वर्ष 2016 -2017 के दौरान हुआ। इनमें तकरीबन300 से अधिक राजस्व ग्राम एेसे हैं जिनका जमाबंदी व नक्शे का डाटा पूर्व के मुख्य गांव के विवरण से अलग नहीं किया गया है। राजस्व मंडल के नए आदेश से इन गांवों का डाटा अलग कर दिए जाने से कहीं से भी ऑन लाइन फीस जमा कर जमाबंदी आदि की डिजिटल हस्ताक्षरित नकल प्राप्त कर सकेंगे जो कोर्ट में भी मान्य होगी। इससे किसानों को पटवारी के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे तथा समय व धन भी बचेगा।
सरकार ने जोड़ा है चैप्टर-7
सरकार ने पिछले साल ही लैंड रेवन्यू रूल्स में संशोधन कर चैप्टर-7 जोड़ा है। जिसमें जमाबंदी चौसाल के बजाय लगातार (पैरीनियल) होगी। इनका सम्पूर्ण रिकॉर्ड जिसमें जमाबंदी, नक्शा, खसरा, गिरदावरी तथा म्यूटेशन शामिल है सभी ऑनलाइन होगा। चैप्टर-7 में जो भी तहसील ऑनलाइन होगी उसकी अधिसूचना जारी होने के बाद जमाबंदी अपना खाता से ई-खाता सॉफ्टवेयर पर शिफ्ट हो जाएगी। राजस्व ग्राम के नक्शे भूमि सॉफ्टवेयर पर रखे जाएंगे।
एडीए ने व्यावसायिक भूमि से हटाया अतिक्रमण
अजमेर. अजमेर विकास प्राधिकरण ने ब्यावर रोड पर दौराई रेलवे स्टेशन समीप प्राधिकरण की दो बीघा व्यावसायिक भूमि से अतिक्रमण ध्वस्त किए। इस भूमि पर चारदीवारी बनाकर व्यावसायिक गतिविधयां की जा रही थीं। पूर्व में भी इस भूमि से प्राधिकरण ने अतिक्रमण हटाया था। बाद में अतिक्रमी ने न्यायालय से स्टे ऑर्डर हासिल कर लिया था। न्यायालय से स्टे हटते ही प्राधिकरण ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की। कार्यवाई में प्राधिकरण उपायुक्त (दक्षिण) रामचन्द्र गरवा, पटवारी सुरेश बाला, प्रवीण तत्ववेदी, हरिपाल सिंह ,हेमचन्द गहलोत तथा प्राधिकरण की पुलिस विंग के सब -इंस्पेक्टर अनिल शर्मा व अन्य शािमल रहे।
Published on:
13 Feb 2020 09:31 pm

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