6 नवंबर 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

पौराणिक कुंड में यूं मिले कॉलेज लेक्चरर, देखने वालों के उड़े होश

पुलिस को कुंड के पास हेलमेट पड़ा मिलने पर मोटरसाइकिल होने का पता चला।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

अजमेर

•

image

Mahaveer Bhatt

•

Updated: 11 Nov 2017, 8:20 AM IST

Lecturer dead body found in budha pushkar

Lecturer dead body found in budha pushkar

अजमेर के दयानंद कॉलेज में व्याख्याता की बूढ़ा पुष्कर कुंड में डूबने से संदिग्ध हालात में मौत हो गई। उनका शव कुंड में तैरता पाया गया। पुलिस ने शव को कुंड से बाहर निकलवाया। मृतक का पूरा परिवार हनुमानगढ़ विवाह समारोह में जाने के कारण शव परिजन को नहीं सौपा जा सका।

कानस पंचायत सरपंच पति गोरधनसिंह रावत को बूढ़ा पुष्कर सरोवर के कुंड में शव तैरने की जानकारी मिली। उन्होंने पुष्कर थाना पुलिस को सूचित किया तथाग्रामीणों के साथ मौके पर पहुंचकर शव को बाहर निकलवाया। पुलिस को कुंड के पास हेलमेट पड़ा मिलने पर मोटरसाइकिल होने का पता चला।

रामघाट के मुख्य द्वार पर मोटरसाइकिल के नम्बरों आधार पर गूगल पर सर्च किया तो मृतक की शिनाख्त महबूब की कोठी रेम्बल रोड निवासी मनोज कुमार शर्मा पुत्र रूपनारायण शर्मा के रूप में हुई। पुलिस जांच अधिकारी ने मोटरसाइकिल कम्पनी के साथ-साथ परिवहन कार्यालय जाकर पता किया तथा मृतक की शिनाख्त पक्की हो गई।

बहनोई को ले जाने के लिए पुष्कर आए
मनोज शर्मा दयानंद कॉलेंज में बॉटनी के प्रोफेसर थे। पुलिस के अनुसार गुरुवार को उनका पूरा परिवार हनुमानगढ़ विवाह में चला गया था। शर्मा मोटरसाइकिल से पुष्कर आए तथा हनुमान मंदिर के पास रहने वाले बहनोई राकेश के साथ विवाह में जाने के लिए रुक गए। रात को वह बूढ़ा पुष्कर कैसे पहुंचे तथा कुंड में डूबने से मौत कैसे हुई यह परिजन से पूछताछ व अनुसंधान के बाद ही पता चल सकेगा।

बॉटनी की थी शानदार नॉलेज
डॉ. शर्मा बॉटनी के लेक्चरर थे। उनकी अपने विषय पर जबरदस्त पकड़ थी। उन्होंने अरावली, नाग पहाड़ और अजमेर क्षेत्र में घूमकर बॉटनी में कई ऐसे पौधों को खोजा था जो प्राकृतिक रूप से आगजनी, भूकम्प, ज्वालामुखी या कोई आपदा आने की सूचना देने में सहायक हैं।

इसके अलावा जमीन में सोना होने के संकेत देने वाले पौधे, कम या ज्यादा बरसात का संकेत देने वाले पौधों के बारे में उन्होंने विस्तृत खोज की थी। बीएससी अथवा एमएससी बॉटनी पढ़ चुके उनके कई छात्र विभिन्न पदों पर कार्यरत हैं। कॉलेज में उनकी किसी से दुश्मनी अथवा निजी तौर पर भी कोई विवाद नहीं था।