8 नवंबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

उद्योगों व बाजारों में बिजली की मांग घटी,घर में बढ़ी

बाजारों में सर्वाधिक 21 प्रतिशत की कमी आईघरेलू बिजली की मांग में 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी करोड़ों रुपए का नुकसानअजमेर डिस्कॉम
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

अजमेर

•

image

bhupendra singh

•

Updated: 13 Oct 2020, 8:47 PM IST

ajmer

ajmer

भूपेन्द्र सिंह

अजमेर.कोरोना corona महामारी को असर चौतरफा पड़ा है। उद्योग और बाजार तो इससे सर्वाधिक प्रभावित हुए हैं। आंकड़े खुद यह स्थित बयां कर रहे हैं। जहां प्रतिवर्ष बिजली की मांग Demand बढ़ते क्रम में होती है वहीं इस बार यह घटते क्रम में नजर electricity decreased आ रही है। उद्योगों पर कोरोना के असर के कारण कई उद्योग बंद होने की कगार पर पहुंच गए तो अधिकतर में उत्पादन प्रभावित है। तीन शिफ्टों में चलेने वाले उद्योग दो शिफ्टों में चल रहे हैं। बाजार markets में उपभोग की जाने वाली नॉन डोमेस्टिक श्रेणी (अघरेलू श्रेणी) industries में अगस्त 2019 की तुलना में अगस्त 2020 में बिजली की मांग में 21.21 प्रतिशत की गिरावट आई है। मिक्सलोड श्रेणी 11.02 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। एग्रीकल्चर श्रेणी में भी 7.5 प्रतिशत की गिरावट आई है। इसमें मीटर श्रेणी में 7.63 प्रतिशत, एग्रीकल्चर फ्लैट रेट श्रेणी में 2.68 प्रतिशत की कमी आई है। एसआईपी,एमआईपी, वाटर वक्स श्रेणी में 3.88 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई है। सितम्बर 2019 में 864 करोड़ यूनिट बिजली की सेल थी कि जो सितम्बर 2020 में 849 करोड़ यूनिट ही रह गई।

यहां बढ़ी मांग
कोविड-19 के कारण घरेलू श्रेणी में बिजली की मांग बढ़ी है। अधिकतर जगहों पर वर्क फ्रॉम होम,घर homeपर ही पढ़ाई भी हो रही है। लोगों का अधिकतर समय घर पर ही बीतने के कारण टीवी, पंखे, लाईट, एसी आदि पर बिजली की खपत बढ़ गई है। घरेलू श्रेणी में बिजली की मांग गत वर्ष अगस्त 2019 की तुलना में इस वर्ष अगस्त 2020 में बिजली की मांग में 25.20 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसी तरह पब्लिक स्ट्रीट लाइट की मांग में 24.26 प्रतिशत तथा एलआईपी व एलआईपी वाटरवक्र्स श्रेणी में 7.05 प्रतिशत बिजली की मांग बढ़ी है।

टीएडंडी लॉस में 1.45 प्रतिशत कमी का लक्ष्य
इस मार्च तक अजमेर विद्युत वितरण निगम का टीएंडडी लॉस 15.30 प्रतिशत था। सितम्बर 2020 में टीएंडडी लॉस 14.45 प्रतिशत है। इसमें 1.45 प्रतिशत की कमी लाते हुए इसे 13 प्रतिशत पर लाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। एक प्रतिशत टीएंडडी लॉस होने पर निगम को 110 करोड़ रुपए का नुकसान सालाना होता है।

read more:पहली बार बिजली बेचने के लिए लक्ष्य निर्धारित