पुष्कर (अजमेर). पशु मेले में आने वाले सभी अश्ववंश (घोड़ों) में ग्लैंडर रोग की पशुपालन विभाग से जांच करानी होगी। जांच का प्रमाण-पत्र नहीं होने पर पशुपालन विभाग की टीम मेला मैदान में घूम-घूम कर अश्ववंशों के नमूने एकत्र करेगी। ग्लैंडर के संक्रमण से बचाव के प्रयास में पशुपालन विभाग सतर्क हो गया है। योजना के तहत पुष्कर पशु मेला शुरू होने से एक माह पूर्व से जांच का काम शुरू कर दिया गया है। मेला अधिकारी पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. अजय अरोड़ा ने बताया कि पशुपालन विभाग की टीमें नागौर, कुचामन, अजमेर सहित विभिन्न स्थानों पर घर-घर जाकर अश्ववंशों के सेम्पल एकत्र कर रही है तथा जांच के बाद घर पर जाकर रिपोर्ट सौंप रही है।
अजमेर क्षेत्र से करीब 650 अशववंशों के सेम्पल एकत्र किए जा चुके हैं तथा करीब दो हजार अश्ववंशों की ग्लैंडर से जांच करवाई जा चुकी है। सभी जांचों की रिपोर्ट नेगेटिव आई है। इसके अलावा पुष्कर मेला मैदान में बिना जांच प्रमाण-पत्र के प्रवेश कर चुके अश्ववंशों की जांच का काम भी शुरू कर दिया गया है। पिछली बार पुष्कर मेले में घोड़ों में ग्लैंडर रोग पाए जाने की जानकारी के बाद मेले में विभागीय तौर पर घोड़ों पर लाने ले जाने पर कानूनी पाबंदी लगा दी गई थी तथा मेले की रौनक फीकी हो गई थी। हालाकि जांच के दौरान लिए गए सेम्पल की रिपोर्ट नेगेटिव आई लेकिन तब तक पुष्कर मेला समाप्त हो चुका था।