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रिश्वत मामले में भाजपा पार्षद को किया निलंबित

स्वायत्त शासन विभाग ने वीरेंद्र वालिया को पार्षद पद से निलंबित कर दिया है।

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अजमेर

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Nupur Sharma

Apr 22, 2023

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अजमेर. स्वायत्त शासन विभाग ने वीरेंद्र वालिया को पार्षद पद से निलंबित कर दिया है। वालिया को निर्माणाधीन मकान को ध्वस्त करने और दलाल के जरिए 20 हजार रुपए रिश्वत लेने के मामले में एसीबी ने गिरफ्तार किया था। उसके खिलाफ विभाग ने दो महीने बाद कार्रवाई की है।

परिवादी नला बाजार निवासी अब्दुल खलिक की ओर से उसकी खरीदशुदा भूमि पर निर्माण को अवैध बताते हुए निगम की जेसीबी बुलवाकर तुड़वाने की धमकी देने व निजी व्यक्ति रोशन के जरिए 50 हजार रुपए की रिश्वत मांगने का आरोप लगाया गया। एसीबी ने 14 फरवरी को 20 हजार रुपए रिश्वत लेने के मामले में वार्ड 79 के पार्षद विरेंद्र वालिया और रोशन को पकड़ा। 17 फरवरी को वालिया को कोर्ट ने न्यायिक हिरासत में भेज दिया। मामले उपनिदेशक क्षेत्रीय ने जांच की। वालिया के खिलाफ प्रथमदृष्टया आरोप सही मिले।

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पार्षद पद से निलंबित
स्वायत्त शासन विभाग के निदेशक ह्रदेश कमार शर्मा ने वालिया को पार्षद पद से निलंबित कर दिया। आदेश में कहा गया है कि उनका आचरण और व्यवहार राजस्थान नगर पालिका अधिनियम 2009 की धारा 39 (6) के तहत कर्तव्यों के निर्वहन में अवचार व पद के अन्यथा दुरुपयोग की श्रेणी में आता है। उन्हें पार्षद पद से निलंबित किया जाता है।

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भाजपा के अब 47 पार्षद
2021 में हुए नगर निगम के चुनाव में कुल 80 में से भाजपा के 48 पार्षद जीते। इसमें वालिया भी शामिल था। एसीबी ट्रेपकांड के बाद वालिया को भाजपा ने निष्कासित कर दिया था, लेकिन उसे पार्षद पद से अब निलंबित किया गया है। लिहाजा निगम में भाजपा पार्षदों की संख्या 47 रह गई है।

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