
किन्नर से बलात्कार मामले में निरीक्षक की सेवानिवृत्ति के बाद विभागीय जांच शुरू
अजमेर(Ajmer News). दरगाह थाने में मुम्बई की किन्नर(Kinnar) से बलात्कार, जब्त रकम के गबन मामले में तत्कालीन निरीक्षक की सेवानिवृत्ति के बाद बुधवार दोपहर विभागीय जांच शुरू हुई। चार साल बाद शुरू हुई जांच में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक(ग्रामीण) ने पीडि़ता किन्नर और आरोपी सेवानिवृत्त निरीक्षक को आमने-सामने बैठाकर प्रकरण से जुड़े प्रत्येक पहलू पर पूछताछ की गई।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक किशनसिंह के कक्ष में दोपहर डेढ़ बजे पीडि़ता किन्नर व उसके साथी पहुंचे। यहां तत्कालीन दरगाह थानाप्रभारी व सेवानिवृत्त निरीक्षक विजयसिंह चौधरी अपने वकील के साथ पहुंचे। एएसपी किशन सिंह ने प्रकरण के जुड़े प्रत्येक पहलू पर दोनों से बारी-बारी से बयान दर्ज किए। निरीक्षक विजयसिंह और उनके वकील ने भी पीडि़ता से सवाल किए। पीडि़ता ने पुलिस थाने में उनके साथ में किए गए बलात्कार व मारपीट की जानकारी देते हुए मेडिकल रिपोर्ट का हवाला दिया।
छह घंटे मैराथन बयान
एएसपी चौधरी ने पीडि़त किन्नर और रिटायर्ड निरीक्षक विजय सिंह चौधरी के बयानों के साथ एक दूसरे का पक्ष भी जाना ताकि प्रकरण में ऐसा पहलू न बचे जिस पर परिवादी और आरोपी को बाद में संदेह रहे। पीडि़ता ने आरोप था कि निरीक्षक चौधरी ने रसूकात से फाइल में दस्तावेजों में हेरफेर की है। उसका कहना था कि पुलिस घूमाकर वहीं सवाल दोहरा रही है जो चार साल पहले पूछे जा चुके है।
बेहूदगी की हद पार
पीडि़ता ने बताया कि निरीक्षक विजयसिंह चौधरी और उनके वकील ने बेहूदगी की हदें पार कर दी। पीडि़ता से जो नहीं पूछना चाहिए वो सवाल भी किए। हालांकि एएसपी सिंह ने उनके सवालों पर आपत्ति जाहिर कर रोक दिया। पीडि़ता का कहना है कि पुलिस और कानून पर उन्हें विश्वास है। आरोपी को सजा मिलकर रहेगी।
वकील ने किया गुमराह
पीडि़ता ने बताया कि दो साल तक प्रकरण की तारीख पेशी पर नहीं आने का कारण उनका वकील जे.पी. शर्मा है। उसने आरोप लगाया कि वकील शर्मा ने मिलीभगत कर उन्हें गुमराह करते हुए कोर्ट की पेशी से दूर रखा। गिरफ्तारी वारन्ट जारी होने पर उन्हें पता चला तो उन्होंने कोर्ट में सरेंडर कर दिया, जहां एक दिन की जेल के बाद कोर्ट ने जमानत दे दी।
यह है मामला
दरगाह जियारत करने आई मुम्बई की किन्नर(kinnar) की 4 जून 2014 को धानमंडी क्षेत्र में सिपाही से ऑटोरिक्शा के प्रवेश को लेकर विवाद हुआ। दोनों पक्ष में हाथापाई पर पुलिस ने किन्नर और उसके साथियों को शांतिभंग में गिरफ्तार कर लिया। जहां से दूसरे दिन उन्हें जेल भेज दिया। जेल से जमानत पर रिहा हुई किन्नर ने थाने में दी गई यातनाओं का खुलासा करते हुए निरीक्षक विजय सिंह चौधरी की ओर से जामा तलाशी में जब्त 80 हजार रुपए की बजाय 40 हजार रुपए लौटाने व थाने की बैरक में एक एएसआई और दो सिपाही पर बलात्कार करने का आरोप लगाया था।
हंसते हुए निकले चौधरी
सेवानिवृत्त निरीक्षक विजय सिंह चौधरी एएसपी किशन सिंह के कक्ष से हंसते हुए बाहर निकले लेकिन उन्हें बाहर मीडिया कर्मियों का अंदाजा नहीं था। मीडिया को देखकर चौधरी एसपी कार्यालय की लॉबी में कैमरे से बचते रहे। हालांकि उन्होंने कुछ बोलने से इन्कार कर दिया।
इनका कहना है...
किन्नर से बलात्कार मामले में तत्कालीन निरीक्षक के खिलाफ लंबित 16 सीसी की विभागीय जांच शुरू की है। आरोपी निरीक्षक व परिवादी को आमने-सामने सुना। पीडि़ता के नहीं आने से जांच में विलम्ब हुआ। वहीं प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन है।
-किशन सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अजमेर ग्रामीण
Published on:
14 Nov 2019 07:00 am
