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अब नहीं ढूंढना पड़ेगा आपको ट्रेन में कोच, डिजिटल बोर्ड आपको देगा यह खास जानकारी

यात्रियों को दूर से ही कोच की संख्या व गाड़ी संख्या नजर आ जाएगी।

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LED display board at station

LED display board at station

अजमेर/ब्यावर।

रेल यात्रियों की सुविधा के लिए सभी रेलवे स्टेशन पर डिजिटल कोच इंडिकेशन डिस्प्ले बोर्ड लगाए जा रहे हैं। इन बोर्ड के लगने के बाद यात्रियों को दूर से ही कोच की संख्या व गाड़ी संख्या नजर आ जाएगी।

अजमेर मंडल के ब्यावर सहित अन्य स्टेशन पर लगे डिस्प्ले बोर्ड पुराने होने से उनमें अक्षरों की संख्या साफ उभर नहीं रही है। इसी कारण रेलवे प्रशासन ने स्टेशन पर डिजिटल कोच डिस्प्ले बोर्ड लगाने का निर्णय लिया। रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म एक पर सबसे अधिक टे्रनों का ठहराव होता है। यहां पर टे्रनों की जानकारी के लिए लगाए गए कोच इंडिकेशन डिस्प्ले बोर्ड काफी पुराने हो गए हैं।

कई बोर्ड पर तो आधी संख्या ही नजर नहीं आती। इतना ही नहीं कोच की संख्या सही नहीं दिखने से यात्री कोच से भ्रमित हो जाते हैं। इसी कारण रेलवे प्लेटफार्म पर डिजिटल बोर्ड लगवा रही है। मंडल के स्टेशनों पर डिजिटल बोर्ड लगाए जाने का कार्य शुरू किया गया।

बोर्ड लगा रहे कर्मचारियों ने बताया कि पूरे प्लेटफार्म पर पुराने बोर्ड हटाकर नए लगवाए जाएंगे। इनमें अक्षर व रंगों की संख्या काफी बड़े रखे गए हैं। वहीं बोर्ड में रेडियम लगे होने से यह दूर से ही चमकदार नजर आएंगे। इन बोर्ड के लगने के बाद यात्रियों को दूर से पता चल जाएगा कि कहां पर सामान्य या रिजर्वेशन, वातानुकूलित कोच लगेगा।

लिफ्ट और अन्य सुविधाएं भी

सभी रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म पर यात्रियों की सहूलियत के लिए लिफ्ट लगाई जा रही है। अजमेर रेलवे स्टेशन पर प्लेटफार्म एक, दो, तीन और चार पर लिफ्ट लग चुकी है। मंडल के ब्यावर, किशनगढ़, उदयपुर , भीलवाड़ा और अन्य स्टेशन पर भी लिफ्ट लगाई जाएगी। इसके अलावा यात्रियों के आराम के लिए एसी युक्त प्रतीक्षालय बनाया जाएगा। कई बड़े स्टेशन पर टीवी लग चुके हैं। छोटे स्टेशन पर भी एलईडी टीवी लगाए जाएंगे।

स्टेशन दिखेंगे एयरपोर्ट जैसे

देश के रेलवे स्टेशन एयरपोर्ट जैसे चमचमाते नजर आएंगे। सभी स्टेशन पर फर्श बदलने के अलावा एयरपोर्ट की तरह काउन्टर केफेटेरिया, रिटायरिंग रूम, चेकिंग फेसेलिटी बढ़ेगी। साफ-सफाई का यहां विशेष ध्यान रखा जाएगा। ग्रीन और बायो टॉयलेट बनाने की शुरुआत भी हो चुकी है। ट्रेन के टॉयलेट को भी बायो टॉयलेट में तब्दील किया जा रहा है। ताकि पटरियों पर लोग गंदगी नहीं करें।