
ajmer dargah dispute
अजमेर
ख्वाजा साहब की दरगाह के दीवान और मौरूसी अमले के बीच चल रहा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा। ख्वाजा साहब के गुरु ख्वाजा उस्मान हारूनी के उर्स के मौके पर भी एक बार फिर दोनों के बीच आरोप- प्रत्यारोप का दौर चला। यहां तक कि रात को जुमेरात की महफिल में दरगाह दीवान के बेटे के आने पर कुछ देर के लिए मौरूसी अमला अड़ गया और महफिल में सहयोग के लिए मना कर दिया। बाद में दरगाह कमेटी की समझाइश पर वे मान गए।
इससे पहले दरगाह दीवान जैनुअल आबेदीन ने करीम अली पर महफिलखाना व खानकाह में अनाधिकृत रूप से प्रवेश कर हमला करने की कोशिश का आरोप लगाया। दीवान के सचिव एस. ए. चिश्ती ने इस संबंध में दरगाह थाना अधिकारी को शिकायत दी है।
उधर करीम ने दरगाह नाजिम और दरगाह थानाधिकारी को ज्ञापन देकर आरोप लगाया कि दरगाह दीवान ने कुल की महफिल के दौरान गाली गलौच की। इससे उनकी भावनाओं को ठेस पहुंची है।
अकीदतमंद का सैलाब उमड़ा
ख्वाजा साहब के गुरु ख्वाजा उस्मान हारूनी के उर्स में अकीदतमंद का सैलाब उमड़ा। इसके चलते दरगाह परिसर और दरगाह क्षेत्र में जबरदस्त चहल-पहल रही। भीड़ के कारण धक्का-मुक्की का आलम भी रहा। कई जगह जाम की स्थिति रही। दरगाह परिसर में जन्नती दरवाजे से गुजर कर जियारत की होड़ मची रही। वहीं कुल की रस्म के दौरान सूफियाना कलामों पर अकीदतमंद झूमते नजर आए।
कुल की रस्म के दौरान दरगाह में शादियाने बजाए गए। बड़े पीर की पहाड़ी से तोपों की सलामी दी गई। महफिलखाने में दरगाह दीवान की सदारत में हुई महफिल में शाही चौकी के कव्वालों ने आसमान से बरसत है रंग, ख्वाजा के घर अंगना...जैसे सूफियाना कलाम पेश किए। कुल की रस्म दोपहर करीब एक बजे हुई। इसके साथ ही उर्स सम्पन्न हो गया और जन्नती दरवाजा बंद कर दिया गया।
Published on:
23 Jun 2018 10:55 am
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