
दोषियों को जेल ले जाते पुलिसकर्मी, पत्रिका फोटो
Heinous Crime News: अजमेर में गेगल थाना क्षेत्र के बहुचर्चित अपहरण व नृशंस मारपीट प्रकरण में न्यायालय जेएम नंबर-02 अजमेर ने कड़ा फैसला सुनाते हुए 8 आरोपियों को दोषी ठहराया। न्यायालय ने सभी दोषियों को 3-3 वर्ष के कठोर कारावास तथा प्रत्येक पर 50-50 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है। यह मामला अपनी वीभत्सता के कारण क्षेत्र में खासा चर्चा में रहा था।
प्रकरण के अनुसार नागौर के परबतसर निवासी परिवादी हमीद खान जो घटना के समय गेगल स्थित अनसल सिटी चांदियावास में रहता था। परिवादी ने 20 मार्च 2023 को थाना गेगल में रिपोर्ट दर्ज कराकर बताया कि 18 मार्च 2023 की शाम करीब 4 बजे आरोपीगण उसके निवास पर आए और उसके व उसकी पत्नी के साथ मारपीट कर जबरन दोनों का अपहरण कर लिया। इसके बाद आरोपियों ने उन्हें अलग-अलग स्थानों पर ले जाकर गंभीर रूप से प्रताड़ित किया।
परिवादी के अनुसार उसे मारोठ ले जाकर लाठी-सरियों से बेरहमी से पीटा गया और देर रात तालाब के पास ले जाकर आरोपियों ने उसकी नाक काट दी। इतना ही नहीं इस अमानवीय कृत्य का वीडियो भी बनाया गया। वारदात के बाद आरोपियों ने उसे नावा चौराहे के पास छोड़ कर भाग गए। पुलिस ने इस संबंध में विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।
पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन अग्रवाल ने बताया कि घटना की गंभीरता को देखते हुए तत्कालीन थानाधिकारी सुनील कुमार बेड़ा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मात्र 12 घंटे में सभी आरोपियों को दस्तयाब कर गिरफ्तार कर लिया था। प्रकरण को केस ऑफिसर स्कीम के तहत लेते हुए सहायक उपनिरीक्षक कमल किशोर को केस ऑफिसर नियुक्त किया गया।
जिन्होंने न्यायालय में नियमित व प्रभावी पैरवी सुनिश्चित की। थानाधिकारी गेगल ने बताया कि यह निर्णय न केवल पीड़ित को न्याय दिलाने वाला है, बल्कि समाज में इस प्रकार के जघन्य अपराधों के विरुद्ध कड़ा संदेश भी देता है। उन्होंने बताया कि प्रकरण के खुलासे, अनुसंधान व अभियोजन में पुलिस निरीक्षक सुनील कुमार बेड़ा, कांस्टेबल रिश्वेंद्र सिंह तथा केस ऑफिसर कमल किशोर की विशेष भूमिका रही।
Published on:
21 Apr 2026 01:12 pm
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