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मेरा भारत महान : यहाँ हो रही बड़े पैमाने पर खामियां , कलक्टर ने लगायी फटकार पढ़े पूरी खबर………….

कलक्टर की डांट के चार घंटे बाद पहुचंी टाटा पावर की टीम ,टाटा के कॉल सेंटर का औचक निरीक्षण, शिकायतकर्ताओं से कलक्टर ने की बात ,सामने आई खामियां,सुधारने के निर्देश      
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अजमेर

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Sonam Ranawat

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Updated: 11 Jun 2018, 6:00 AM IST

District Collector Aarti Dogra inspected Tata Power call center

मेरा भारत महान : यहाँ हो रही बड़े पैमाने पर खामियां , कलक्टर ने लगायी फटकार पढ़े पूरी खबर.............

अजमेर. शहर की बिजली व्यवस्था संभाल रही फैंचायजी कम्पनी टाटा पावर कॉल सेंटर का रविवार को जिला कलक्टर आरती डोगरा ने औचक निरीक्षण किया कलक्टर सुबह 11.30 बजे हाथीभाटा पावर हाउस पंहुची। वहां उन्होनें टाटा पावर के कॉल सेंटर की कार्यप्रणाली जांची। इस दौरान बड़े पैमाने पर खामियां नजर आई। जिला कलक्अर ने खामियों को दुरुस्त करने के निर्देश दिए।

चार घंटा हो गया अभी तक टीम नहीं पहुंची

कलक्टर की पड़ताल में सामने आया कि मेयो कॉलेज सब डिवीजन की उपभोक्ता चौहान ने 8 बजे शिकायत दर्जकरवाई थी लेकिन टाटा पावर की टीम चार घंटे बाद भी नहीं पहुंच सकी। जिला कलक्टर ने मामले में तुरंत कार्रवाई के निर्देश देते हुए कहा कि महिला की शिकायत है चार घंटे हो गए अब तक काम क्यों नहीं हुआ।

बात नहीं हुई तो सैटिसफाई क्यों लिखा

कलक्टर की पड़ताल में कई ऐसे मामले सामने आए जिनमें जिनमें उपभोक्ताओं ने शिकायत तो दर्ज करवा दी लेकिन बिना उपभोक्ता से बात किए और बिना उसके संतुष्ट हुए ही टाटा पावर के कार्मिकों ने उपभोक्ता को संतुष्ट मानते हुए शिकायत बंद कर दी। जिला कलक्टर ने कहा कि कॉल वैरिफिकेशन करते हो यदि उपभोक्ता ने फोन नहीं उठाया उसे पता ही नहीं कि काम हो गया तो आपने खुद ही सैटिसफाइड कैसे लिख दिया उससे तो पूछते। कलक्टर ने टाटा के कार्मिकों से पूछा की जल्दी में काम क्यों किया जा रहा है। इस पर टाटा पावर के कार्मिक बगलें झांकते नजर आए। 77 शिकायतें लो वोल्टेज की दर्ज हुई है। इनका स्टेटस दिखाओ जब फोन से बात नहीं हुई तो सेटिसफाइड क्यों लिखा।

डोंट डू दिस

एक शिकायत के मामले में सामने आया कि टाटा पावर की टीम मौके पर पहुंची तो उपभोक्ता को बताया गया कि उसकी समस्या वोल्टेज की नहीं मेंटीनेंस की है और कम्पलेंट क्लोज कर दी गई। कलक्टर ने कहा कि कंज्यूमर लो वोल्टेज से जूझ रहा है आप शिकायत क्लोज कर रहे हो। आप रिमांडर कर रहे हो यह हमारी नहीं उनकी शिकायत है। जब उपभोक्ता को एक कम्लेंट नम्बर दिया गया है। आज भी कंज्यूमर फ्रस्टेट हो रहा है वह गाली दी दे रहा है डोंट डू दिस। आप पता करो मेंटीनेंस का अपनी टीम से।

मॉनेटरिंग कौन करता है पता नहीं

कलक्टर ने कहा कि सॉफ्टवेयर में अलग लिखा है मेंटीनेंस टीम का यहां पर टीम तो एक ही है। मॉनेटरिंग कौन करता है। टीओ कौन है, लीड कौन करता है। यदि एईएन काम नही करता तो उसके ऊपर क्या अथॉरिटी है। मॉनेटरिंग नहीं है। कॉल सेंटेर की सेंट्रलाइज मॉनेटरिंग करो। इस पर टाटा पावर के कार्मिकों को कोई जवाब नहीं सूझा।

जिला कलक्टर के निर्देश पर अजमेर डिस्कॉम के सिटी सर्किल के अधीक्षण अभियंता मुकेश ठाकुर ने शिकायत दर्ज करवाने वाले उपभोक्ताओं से बात की।