
Patrika Sting Operation-जवानी को लीलता चरस-गांजे का नशा. . .,Patrika Sting Operation-जवानी को लीलता चरस-गांजे का नशा. . .,Patrika Sting Operation-जवानी को लीलता चरस-गांजे का नशा. . .
मनीष कुमार सिंह
अजमेर(Ajmer). उम्र महज 16 साल. . .! पेशा. . . जेबतराशी. . .! ठिकाना. . .दरगाह क्षेत्र. . .! कोरोना से पहले दरगाह में जायरीन की निरंतर आवक जारी रहने से सालभर बेखौफ चलते रहने वाला जेबतराशी का धंधा कोरोना काल में दरगाह बंद होने के कारण ठप क्या हुआ दरगाह क्षेत्र के इर्द-गिर्द नशे के कारोबारियों ने अपने तंबू गाड़ लिए। जेबतराशी में लगे जरायमपेशा कमउम्र नौजवान पहले नशे में गाफिल हुए और फिर लत को पूरा करने के लिए कुछ भी करने को तैयार. . .! पहला नशा उतरने के बाद दूसरी खुराक चाहिए और उसे हासिल करने के लिए कुछ सौ रुपयों की रकम भी. . . जिससे नशे का बूस्टर डोज मिल सके।
यह हकीकत पत्रिका से नशे के कारण खुद के हाल को साझा करने वाले एक उस्मान(परिवर्तित नाम) की है, जिसके जैसे सैकड़ों उस्मान दरगाह इलाके की तंग गलियों में मौजूूद हैं . . .। जिनकी रगों में कहने को बेशक खून है, मगर अब नशा बनकर बह रहा है। विडंबना यह कि किशोर और युवाओं को दलदल में धकेलते जा रहे मसले पर पुलिस और प्रशासन की संजीदगी नजर नहीं आ रही. . .और ना ही उन लोगों की, जो दूरदराज से यहां आने वाल मेहमानों की खिदमत में तो खुद को बिछाए देते हैं, लेकिन उनके घरों में ही क्या हो रहा उससे सरोकार नहीं रखते. . .!
हाथों-हाथ सौदा . . . .मिनटों में मिलता माल. . .
पत्रिका टीम ने शुक्रवार को दरगाह क्षेत्र में जेबतराशी में लिप्त उस्मान से बात की। बातों-बातों ने उसकी नशे की लत का पता चला। जायरीन की आवक कम होने से जेबतराशी बंद होने से नशे का मोहताज उस्मान पुडिय़़ा खुद के पास रखने की शर्त पर स्थानीय नशा सौदागर से पुडिय़ा व वॉइल खरीदने को तैयार हो गया। अपने दो साथियों के साथ लौंगिया स्थित प्राइवेट स्कूल के सामने पहुंचा। यहां ड्रग पैडलर राजू गली के मुहाने पर पहले से मौजूद था। राजू उस्मान से 500 रुपए लेने के बाद अपने साथ एक युवक को लेकर गली के दूसरे छोर स्थित मकान में दाखिल हुआ। कुछ मिनट बाद दरवाजा खोल उसने एक पुडिय़ा व दो वॉइल (इंजेक्शन) थमाने के बाद दरवाजा बंद कर लिया।
300 की पुडिय़ा, सौ का वॉइल
ड्रग पैडलर राजू ने डमी ग्राहक बनकर गए उस्मान के साथी को 300 रुपए में चरस की पुडिय़ा और 200 रुपए में बूस्टर का काम करने वाले दो वॉइल दिए। सबकुछ खुले आम. . .पत्रिका टीम की मौजूदी में ही. . .। तभी उस्मान जैसे ही तीन और नशेड़ी भी पहुंच गए। लेकिन पुलिस को देखकर इधर-उधर हो लिए।
19 के बदले 100 की वसूली
पत्रिका ने नशेड़ी को दिए गए वॉइल की पड़ताल की तो 19 रुपए में एमआरपी के आइटम को नशेडिय़ों को 100 से 150 रुपए तक में बेचा जाना सामने आया। स्ट्रीट पैडलर नशेडिय़ों की तलब के हिसाब से इंजेक्शन(वॉइल) का पैसा वसूलते हैं।
पुलिस की भनक लगते ही फरार
पत्रिका टीम ने मामले में दरगाह थानाधिकारी रमेन्द्र सिंह हाड़ा को सूचना दी। हाड़ा ने सिपाही ब्रह्मदत्त व जावेद को लौंगिया भेजा लेकिन पुलिस आने की भनक लगते ही पैडलर घर के पीछे के रास्ते पहाड़ी क्षेत्र में फरार हो गया। पुलिस ने आरोपी की आसपास तलाश की लेकिन सुराग नहीं लगा।
इनका कहना है...
दरगाह थाना पुलिस ने एसपी साहब के आदेश पर लगातार नशे के खिलाफ अभियान चला रखा है। नशेडिय़ों, नशा उपलब्ध करवाने वाले स्ट्रीट पैडलर व तस्करों पर शिकंजा कसा है। कथित राजू नामक युवक का नाम सामने आया है। जल्द ही आरोपी को पकड़ कार्रवाई की जाएगी।
रमेन्द्र सिंह हाड़ा, थानाधिकारी दरगाह
Published on:
03 Oct 2020 10:46 am
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