
जन शिक्षा से कुष्ठ रोग का उन्मूलन
अजमेर. कुष्ठ रोग का उन्मूलन जन शिक्षा से संभव है। कुष्ठ की जांच के बाद पूर्ण इलाज लेने वाले मरीजों को प्रतिमाह १५०० रुपए देय है। मगर अधिकांश कुष्ठ रोगियों को जानकारी का अभाव होने एवं दस्तावेज के साथ आवेदन नहीं लगाने से वे पेंशन सुविधा का लाभ नहीं उठा पाते हैं।
अजमेर जिले में अप्रेल २०१९ से सितम्बर २०१९ तक २५ नवीन रोगी पंजीकृत हुए और गत वर्ष के पंजीकृत रोगी जिनका उपचार चल रहा है। ऐसे १५ रोगी हैं। कुष्ठ रोग के प्रति फैली भ्रांतियों को हमें मिलकर दूर करना है। कुष्ठ रोगी के साथ रहने, खाने-पीने, छूने से यह फैलने की भ्रांति गलत है।
क्या है कुष्ठ रोग
माइक्रो बैक्टीरियम लेप्रे नामक जीवाणु के कारण होने वाली एक संक्रामक बीमारी है। इसलिए कुष्ठ रोग किसी को भी हो सकता है। कुष्ठ रोग आनुवंशिक नहीं है। इसका पाप-पुण्य से कोई भी संबंध नहीं है। पूजा अर्चना, जड़ी बूटी, तंत्र मंत्र से इसका इलाज नहीं होता है। कुष्ठ रोग संक्रामक एवं असंक्रामक होता है।
यह है कुष्ठ रोग के लक्षण एवं उपचार
त्वचा पर सुन्न चकता होना, त्वचा का रंग तेलिया रंग की होना, प्रभावित त्वचा पर रोयें नहीं होते, त्वचा का मोटा होना इसके लक्षण हैं। कुष्ठ रोग का उपचार बहुऔषधि दवा खाने से रोगी बिल्कुल ठीक हो जाता है।
बॉक्स : पेंशन चालू करवाने की यह है प्रक्रिया
-रोगी अपना उपचार पर्चा जिसमें रोग की केटेगरी अनुसार ६ माह, १२ माह का इलाज पूर्ण कर लिया हो की प्रति लगाएं।
-बैंक डायरी की छाया प्रति।
-आधार कार्ड, भामाशाह कार्ड की छाया प्रति। (भामाशाह कार्ड में कुष्ठ रोगी अंकित करवाना अनिवार्य)
इनका कहना है
कुष्ठ रोगियों की ओर से जांच के बाद पूर्ण उपचार लेने पर १५०० रुपए की पेंशन देय है। कुष्ठ रोग का उपचार संभव है। इसके प्रति भ्रांतियां मन में नहीं पालें, आमजन को भी जागरूकता की आवश्यकता है।
डॉ. के.के. सोनी, सीएमएचओ
Published on:
20 Oct 2019 12:11 am
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