अजमेर. नगर निगम की ओर से शुक्रवार को निकाली गई सम्राट अशोक की सवारी में सम्राट ने जमकर सोने की अशर्फियां उछालीं। इन्हें लूटने के लिए लोगों में होड़ मची रही। सम्राट अशोक ने निगम में लगाए गए दरबार में आमजन को खर्ची के रूप में 10-10 रुपए भी बांटे। सवारी के दौरान दरबारियों और बीच बाजार में सोने की अशर्फियां (प्लास्टिक निर्मित सुनहरी टिकड़ी) उछाली गई।
जित देखें, तित लाल. . .
सम्राट अशोक की सवारी के दौरान सम्राट ने प्रसाद के रूप में कागज की पुडि़याओं में बंधी गुलाल प्रजा को लुटाई। जहां से सम्राट अशोक की सवारी गुजरी वहां की सड़कें गुलाल से सराबोर हो गईं। राहगीर भी सुगंधित अरारोट की गुलाल में नहाए नजर आए।
ढोल-नगाड़ों के बीच निकली सवारी
कार्यक्रम संयोजक पार्षद के.के. त्रिपाठी ने बताया कि सम्राट अशोक बने पार्षद नितिन जैन का निगम परिसर में ढोल-नगाड़ों के साथ सम्राट के रूप में अभिनंदन किया गया। सवारी की रवानगी के समय निगम परिसर में महापौर ब्रजलता हाड़ा, उप महापौर नीरज जैन, आयुक्त सुशील कुमार मौजूद रहे। यहां से गाजे-बाजे के साथ बाहर दरबार तक सम्राट को लाया गया।
सम्राट ने आमजन को खर्ची के रूप में 10-10 रुपए बांटे। करीब आधे घंटे तक खर्ची बांटने के बाद सम्राट वाहन पर सवार हुए। इनके साथ उप महापौर नीरज जैन एवं अन्य साथी पार्षद भी वाहन में सवार हो गए। इसके बाद शाम करीब 5 बजे सम्राट की सवारी निगम कार्यालय से रवाना हुई।
सम्राट और मंत्री का हुआ मिलन
सम्राट की सवारी निगम परिसर से शुरू होकर चूड़ी बाजार, नया बाजार, आगरा गेट, उतार नसियां होते हुए सुभाष उद्यान पहुुंची। सम्राट की सवारी के दौरान महापौर ब्रजलता हाड़ा एवं महिला पार्षद बग्गी में सवार रहीं। सम्राट अशोक विकास समिति के तत्वावधान में होली दडा से मंत्री (निर्मल शर्मा) की सवारी भी निकाली गई। नया बाजार चौपड़ पर सम्राट अशोक और मंत्री का मिलन हुआ। जहां से मंत्री भी वाहन में सम्राट के साथ सवार हो गए। सवारी सुभाष उद्यान पहुंची। मार्ग में पार्षद हेमन्त सुनारीवाल के संयोजन में कलाकारों ने गेर नृत्य की प्रस्तुति दी।
सम्राट ने दिया संदेश, समस्या समाधान के निर्देश
सम्राट ने सुभाष उद्यान पहुंच कर आमजन को सांकेतिक रूप से पटटे बांटे। साथ ही खुशहाली के संदेश की मुनादी की। सम्राट ने अजमेर मेरवाड़ के राजस्व क्षेत्र में पेयजल की समुचित व्यवस्था करने, आनासागर झील के परिधि क्षेत्र में सन् 2014 से पूर्व के निर्माणों को नो- कन्स्ट्रक्शन परिधि से मुक्त करने, धर्म परिवर्तन के बने कानून को सख्ती से लागू करने व धर्म परिवर्तन को रोकने, राजस्व ग्रामों में आबादी विस्तार की पुन:समीक्षा कर आबादी विस्तार करने व निगम के दल को इन्दौर भेजकर सफाई प्रबंधन पर जानकारी प्राप्त कर अजमेर में मॉडल लागू करने के आदेश भी दिए। सम्राट ने जन समस्याओं के समाधान के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया।