एलीवेटेड रोड की डिजाइन पर इंजीनियरों में सहमति नहीं

मार्टिनब्रिज से आने वाली भुजा को कचहरी रोड पर भी उतारने का विचार
प्रस्ताव मंजूर हुआ तो डिजाइन में होगा परिर्वतन

धीमी गति से हो रहा निर्माण

अजमेर.शहर में स्मार्ट सिटी Smart City के तहत करीब २२५ करोड़ रुपए खर्च कर बनाया जा रहा एलीवेटेड रोड elevated road पर पहले से ही अफसरों व नेताओं में विवाद थे। अब इंजीनियर भी इसकी डिजाइन design को लेकर आपस में एक राय नहीं है। हाल ही स्मार्ट सिटी की रिव्यू बैठक स्मार्ट सीईओ के समक्ष एक अधिशाषी अभियंता Engineers ने कहा कि यदि मार्टिन ब्रिज से आना वाला सारा ट्रैफिक आगरा गेट पर उतरेगा तो वहां जाम के हालात होंगे। आगरा गेट से अग्रसेन सर्किल तक सड़क फोरलेन नहीं है। जबकि यहां फोरलेन का ट्रैफिक उतारा जाएगा। अभी भी आगरा गेट पर जाम लगता है क्योंकि मार्टिनब्रिज से आने वाले ट्रैफिक में से ४५ फीसदी ट्रैफिक कचहरी रोड,डीआरएम,कलक्ट्रेट तथा जयपुर रोड की तरफ जाता है। इसलिए गांधी भवन पर ही ब्रिज पर रोटरी बनाकर इस ट्रैफिक को गांधी भवन पर कचहरी रोड की तरफ उतारा जा सकता है। इंजीनियर ने प्रस्ताव स्मार्टसिटी को दिया है साथ ही जोधपुर सहित अन्य शहरों में इस तरह से किए गए काम के फोटा व डिजाइन भी भेजी है। यदि उनके प्रस्ताव पर अमल होता है तो एमएनआई से इसकी डिजाइन में परिवर्तन भी करवाना होगा और स्मार्ट सिटी बोर्ड से इसकी मंजूरी भी लेनी होगी।

समय पर काम पूरा होना मुश्किल

ब्रिज का निर्माण आरएसआरडीसी कर रही है। लेकिन ब्रिज निर्माण की गति को देखते हुए इस समय पर पूरा हो पाना मुश्किल नजर आ रहा है। देरी का कारण टेलीफोन, बिजली-पानी व सीवर लाइनों की शिफ्टिग को माना जा रहा है। शिफ्टि की जिम्मेदारी भी ठेकेदार की है।

फैक्ट फाइल
एलीवेटेड रोड के निर्माण पर २२० करोड़ खर्च होंगे। इसका डिजाइन एमएनआईटी ने अप्रूव किया है। अब तक १४.६० करोड़ रुपए ही खर्च हुए हैं। इनमें से २.४३ करोड़ रूपए इसी माह खर्च हुए। ब्रिज निर्माण कार्य ९ मई २०१८ को शुरू हुआ था। इसे ८ मई २०२० में पूरा किया जाना है। लेकिन समय पर पूरा होने के आसार नहीं है। ब्रिज का निर्माण ९२ खंभों पर होगा। अब छोटे बड़े ४५ पिलर का निर्माण शुरु हुआ है। अब तक दो ही पीयर कैब बनाए जा सके हैं। इस पर ढांचा खड़ा होगा।

इनका कहना है
अभी मैं फाइल देख रहा हूं। यदि एेसा कुछ होगा तो प्रोजेक्ट इंट्रेस्ट में देखेंगे। यूटीलिटी शिफ्टिंग नहीं हो पा रही है इसलिए देरी हो रही है। पीएचईडी ने पाइप लाइन शिफ्टिंग का प्रस्ताव भेज रखा है। इसके लिए अभी टेंडर नहीं हुए हैं। यह देरी की मुख्य वजर है।

अविनाश शर्मा, चीफ इंजीनियर, स्मार्ट सिटी, अजमेर

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bhupendra singh Reporting
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