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deworm: शिक्षकों की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला आदेश!

-प्रति विद्यालय 50 बच्चों को मल के नमूने के लिए संस्था सदस्यों के साथ शिक्षकों की भी ड्यूटी -डिवर्म द वल्र्ड इनिशिएटिव संस्था की ओर से विद्यार्थियों के पेट में कृमि को लेकर सर्वे

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deworm: शिक्षकों की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला आदेश!

अजमेर. राष्ट्रीय कार्यक्रमों के तहत किसी भी तरह के सर्वे, जनगणना, मतदान संबंधी कार्य आदि में शिक्षकों की ड्यूटी लगाई जाती है। मगर अब जो आदेश जारी हुआ वह शिक्षकों की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला बताया जा रहा है। डिवर्म द वल्र्ड इनिशिएटिव संस्था की ओर से विद्यालय में अध्ययनरत विद्यार्थियों के पेट में कृमियों deworm की जांच के लिए सर्वे करवाया जाना है इसके लिए प्रति विद्यालय 50 बच्चों के मल का नमूना संबंधित बच्चें के घरों से उनके अभिभावकों की सहमति से लिया जाएगा। इसके लिए संस्था सदस्यों के सहयोग के लिए शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है।राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद के राज्य परियोजना निदेशक ने सभी मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी, समग्र शिक्षा अभियान के पदेन जिला परियोजना समन्वयकों को इस संबंध में आदेश जारी किए गए हैं। आदेश के मुताबिक जुलाई माह में विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों में पेट के कृमियों की जांच के लिए संबंधित संस्था की ओर से सर्वे प्रारंभ किया गया है। इसमें सभी मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों एवं संबंधित संस्था प्रधानों को निर्देशित करें कि उक्त सर्वेकर्ता संस्था के सदस्य को आवश्यक सहयोग करें। इसके चलते कुछ शिक्षक संगठनों में आक्रोश पनपा है।

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अब तक इन कार्यों में लगती रही है शिक्षकों की ड्यूटी

राष्ट्रीय टीकाकरण अभियान, राष्ट्रीय पोलियो टीकाकरण, मतदान संबंधी कार्य, जनगणना, सरकारी कार्यक्रम, विद्यालयों में प्रवेशोत्सव के तहत सर्वे इन कार्यों में शिक्षक-शिक्षिकाओं की ड्यूटी लगती है मगर पहली बार इस तरह के कार्य में ड्यूटी के चलते शिक्षकों में भी रोष है। विभिन्न शिक्षक संगठनों की ओर से इस संबंध में आक्रोश जताया जा रहा है।

स्कूल में शिक्षण कार्य प्रभावित

डिवर्म द वल्र्ड इनिशिएटिव संस्था की ओर से विद्यार्थियों के पेट में कृमि को लेकर सर्वे एवं सर्वेकर्ता सदस्यों के साथ नमूनों में सहयोग के चलते शिक्षक-शिक्षिकाओं की ओर से फील्ड में जाना पडेगा इससे स्कूल में शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है।