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7 दिन पूर्व पिता की मौत, गरीब बेटी के हाथ पीले करने के लिए आगे आए भामाशाह

घर पहुंच कर किया 11 हजार का सहयोग 7 दिन पूर्व पिता की मौत के बाद पहले से निर्धारित बिटिया की शादी के लिए गम भरे माहौल में गरीबी से जूझ रहे परिवार के लिए किस प्रकार की मुसीबत होती है, यह तो उस परिवार से ज्यादा कौन समझ सकता है, लेकिन ऐसे कठिन समय में तिनके का भी सहारा देने वाला उस परिवार के लिए फरिश्ते से कम नहीं होता।

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अजमेर

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Dilip Sharma

Apr 19, 2022

7 दिन पूर्व पिता की मौत, गरीब बेटी के हाथ पीले करने के लिए आगे आए भामाशाह

7 दिन पूर्व पिता की मौत, गरीब बेटी के हाथ पीले करने के लिए आगे आए भामाशाह

संैपऊ. 7 दिन पूर्व पिता की मौत के बाद पहले से निर्धारित बिटिया की शादी के लिए गम भरे माहौल में गरीबी से जूझ रहे परिवार के लिए किस प्रकार की मुसीबत होती है, यह तो उस परिवार से ज्यादा कौन समझ सकता है, लेकिन ऐसे कठिन समय में तिनके का भी सहारा देने वाला उस परिवार के लिए फरिश्ते से कम नहीं होता। ऐसा ही वाक्या संैपऊ कस्बे के कौली मोहल्ले का है, जहां बीमारी से जूझ रहे निर्धन हीरालाल कोली की 7 दिन पूर्व बीमारी के चलते मौत हो गई। जिसकी बिटिया काजल की 21 अप्रेल को शादी पहले से ही निर्धारित हो चुकी थी। शादी भरे माहौल में पिता के गुजर जाने के बाद मानो परिवार पर पहाड़ सा टूट पड़ा हो। परिवार का मुखिया गुजर जाने पर उस परिवार पर क्या बीतती हैं, वही गरीब से जूझ रहे परिवार के लिए ऐसी स्थिति में शादी आगे बढ़ाना भी संभव नहीं होता। 21 अप्रेल को काजल बेटी की शादी को लेकर परिवार चिंता में था। ऐसे कठिन समय में समाजसेवी प्रशांत परमार ने पीडि़त परिवार को 11000 की नकदी देकर ढांढ़स बंधाया। इस मौके पर रामविलास बघेल भाजपा मंडल अध्यक्ष, अमर पहाडिय़ा, पंचायत समिति सदस्य, किशोर कोली पूर्व पंच, हाकिम सिंह लोधा, टोनी जगरिया, शेरा बघेल, मनजीत सोनिया, देवेंद्र पहाडिय़ा, गौरव बघेल आदि लोग मौजूद थे।

फरिश्ते से कम नहीं

कठिन समय में तिनके का भी सहारा देने वाला उस परिवार के लिए फरिश्ते से कम नहीं होता। ऐसा ही वाक्या संैपऊ कस्बे के कौली मोहल्ले का है, ऐसा ही वाक्या संैपऊ कस्बे के कौली मोहल्ले का है, जहां बीमारी से जूझ रहे निर्धन हीरालाल कोली की 7 दिन पूर्व बीमारी के चलते मौत हो गई।