– प्रशासनिक कमेटी ने जिला कलक्टर सौंपी जांच रिपोर्ट -एक की मंजूरी लेकर पांच मंजिलें बनाई, काम में नहीं लिए अग्निशामक यंत्र अजमेर. जिला कलक्टर द्वारा गठित जांच कमेटी ने डिग्गी बाजार स्थित होटल नाज अग्निकांड में प्रथम दृष्टया रिसेप्शन काउंटर के पास बने विद्युत पैनल बोर्ड में शॉर्ट सर्किट से आग लगना माना है। बोर्ड में […]
- प्रशासनिक कमेटी ने जिला कलक्टर सौंपी जांच रिपोर्ट
-एक की मंजूरी लेकर पांच मंजिलें बनाई, काम में नहीं लिए अग्निशामक यंत्र
अजमेर. जिला कलक्टर द्वारा गठित जांच कमेटी ने डिग्गी बाजार स्थित होटल नाज अग्निकांड में प्रथम दृष्टया रिसेप्शन काउंटर के पास बने विद्युत पैनल बोर्ड में शॉर्ट सर्किट से आग लगना माना है। बोर्ड में लगी आग सीढि़यों की लकड़ी की रेलिंग से ऊपरी मंजिलों तक पहुंच गई। कमरों में लगी फॉल्स सीलिंग से आग ने विकराल रूप ले लिया। मामले में होटल मालिक की लापरवाही को भी हादसे का कारण माना जा रहा है।जिला कलक्टर को सौंपी रिपोर्ट में भवन में आपात स्थिति में आग से निपटने के लिए पर्याप्त अग्निशमन उपकरण, रस्से, जाल व सायरन नहीं होना वेंटीलेशन की कमी का भी उल्लेख किया गया है।
होटल की कुंडली. . .
पंजीकृत स्वामी- गुरुनानक कॉलोनी सुखाड़िया नगर निवासी ईश्वर तिलोकानीपुत्र राधेश्याम तिलोकानीलीज धारक
- अजय नगर निवासी राजेन्द्र कुमार
होटल मैनेजर- रामगंज, पत्थरवाली गली निवासी श्रीकान्त शर्माभवन संख्या- एम.बी./822
आवासीय प्रयोजनार्थ एक मंजिल स्वीकृति नारायणदास के नाम से- 9 अक्टूबर 2017नारायणदास ने पत्नी चंन्द्रा पेशवानी को 27 मार्च 2019 को उपहार में दी
चंद्रा पेशवानी ने 23 अगस्त 2022 को ईश्वर तिलोकानी को बेच दी।एक मंजिल की जगह पांच मंजिल निर्माण
मौके पर जी- 1 की बजाय जी- 5 का निर्माण व व्यावसायिक गतिविधि का संचालन स्वीकृत मानचित्र के विपरीत।ध्वस्त कराने का दिया था शपथ पत्र
नक्शा स्वीकृत करवाते समय प्रार्थी ईश्वर तिलोकानी ने 50 रुपए के नॉन ज्यूडिशियल स्टाम्प पर भवन को ध्वस्त करवा मानचित्र अनुसार निर्माण करने की बात कही थी।
. . .तो टल जाता हादसा
होटल को अग्निशमन यंत्र लगाने के लिए नोटिस जारी किए गए लेकिन फायर अनापत्ति प्रमाण पत्र वर्तमान में जारी नहीं। इसी प्रकार भवन उपनियमों की भी अनदेखी पाई गई। फायर एक्सटिंग्विशर लगे थे लेकिन उन्हें उपयोग में नहीं लिया गया। अन्यथा शुरुआत में ही आग पर काबू पाया जा सकता था। हादसे के समय 10 कमरों में लोग ठहरे थे। विद्युत सप्लाई बंद होने से लिफ्ट भी अटक गई।