पर्यावरण संरक्षण के लिए पॉलीथिन, प्लास्टिक उपयोग पर रोक जरूरी

स्वस्थ पर्यावरण के लिए प्रति व्यक्ति 500 पेड़ होना आवश्यक, मगर वर्तमान में मात्र 28 पेड़, पर्यावरण की क्षति को रोकने के लिए आमजनता, विद्यार्थी एवं महिलाओं में जागरुकता आवश्यक है।

By: raktim tiwari

Published: 05 Jun 2018, 01:08 PM IST

विगत वर्ष लगाए पेड़-पौधों में से 25 फीसदी नष्ट

सड़क बने मगर पेड़ों को नहीं काटा जाएअजमेर. स्वस्थ पर्यावरण के लिए प्रति व्यक्ति 500 से 600 पेड़ होना आवश्यक है, मगर वर्तमान में प्रति व्यक्ति मात्र 28 पेड़ हैं जो बहुत कम है। पर्यावरण की क्षति को रोकने के लिए आमजनता, विद्यार्थी एवं महिलाओं में जागरुकता आवश्यक है। पिछले दो वर्षों में हालांकि अजमेर जिले में पेड़-पौधे अधिक लगे हैं। पानी की कमी, प्लास्टिक, पॉलीथीन का अंधाधुंध उपयोग पेड़-पौधों एवं पर्यावरण के लिए खतरा बना हुआ है।

पर्यावरण के स्वच्छ एवं स्वस्थ बनाए रखने के लिए वन विभाग की जितनी जिम्मेदारी है उससे कई अधिक आमजन की भी है। वन विभाग के साथ अन्य सामाजिक संस्थाओं, आमजन के सहयोग से पेड़-पौधे लगाने में अब जागरूकता आई है। इसके बावजूद पेड़ों की संख्या प्रति व्यक्ति की तुलना में कई गुना कम है।

अजमेर की कुल वन भूमि, पेड़ों की स्थिति

अजमेर जिले में 51511 हैक्टेयर वन भूमि है। अजमेर जिले में विगत वर्ष 2017-18 में 1056 हैक्टेयर में करीब 4.35 लाख पेड़-पौधे लगाए गए। वन विभाग ने दावा किया कि विगत वर्ष लगाए गए पेड़-पौधों में करीब 75 प्रतिशत पेड़ जीवित है।

पेड़ काटने पर यह है प्रावधान

सरकारी भूमि एवं किसी प्रोजेक्ट की आड़ में अगर पेड़ काटना आवश्यक है तो वन विभाग की ओर से प्रावधान है कि जितने पेड़ काटे गए हैं उससे दोगुने पेड़-पौधे लगाना आवश्यक है। सड़कों एवं हाइवे के दोनों छोर पर पेड़ होने चाहिए।

पर्यावरण बचाने के लिए यह भी आवश्यक

-जल संरक्षण।सड़क बने मगर पेड़ों को नहीं काटा जाएसड़क बने मगर पेड़ों को नहीं काटा जाए

-आमजन, विद्यार्थियों को पेड़-पौधे लगाने के लिए जागरुक किया जाए।
-प्रति व्यक्ति कम से कम एक-दो पेड़ लगाकर उनका संरक्षण करें।

-पॉलीथिन एवं प्लास्टिक के उपयोग को पूरी तरह प्रतिबंधित किया जाए।
-पर्यावरण की क्षति को रोकना चाहिए।

सड़क बने मगर पेड़ों को नहीं काटा जाए-पेड़-पौधे लगाने वाले व्यक्ति, संस्था को विशेष महत्व दिया जाए।
-पानी को मितव्ययता से बरतने के लिए लोगों को जागरुक किया जाए।

-खनन क्षेत्र में भी पेड़-पौधे लगाए जाने चाहिए।
-विद्यालयों, सार्वजनिक स्थलों पर अधिकाधिक पेड़ लगाएं।

-युवा, बच्चे जहां भी रहते हैं उन्हें घर के आसपास पेड़ लगाने के लिए प्रेरित किया जाए।

 

नका कहना है

पर्यावरण संरक्षण के लिए आमजन, विद्यार्थी, युवाओं को जागरूक किया जाए। वन विभाग के साथ आमजन की भूमिका महत्वपूर्ण है। स्वस्थ एवं स्वच्छ पर्यावरण के लिए 500 से 600 पेड़ होना आवश्यक है जबकि वर्तमान में प्रति व्यक्ति 28 पेड़ ही हैं जो बहुत कम है।

-राजकुमार सिंह, वन संरक्षक, अजमेर रीजन
--------------------------------------------------

राज्यमंत्री, एडीए अध्यक्ष को लगाई गुहार

अजमेर. पेड़-पौधों की हरियाली से पर्यावरण स्वच्छ रहने के साथ गर्मी में धूप से राहत की छाया उपलब्ध हो रही है। पेड़ लगाना आसान है मगर उन्हें बड़ा करना, संरक्षण करना बहुत मुश्किल है। बड़े-बड़े पेड़ों को अगर बाद में बाधा मानते हुए काटने की योजना बनाई जाए तो आमजन इसे बर्दाश्त भी नहीं करेंगे। अजमेर शहर के धोलाभाटा क्षेत्र में हाउसिंग बोर्ड की कॉलोनी में भी पेड़ों को काटने की प्रस्तावित योजना का कॉलोनी बाशिन्दों ने विरोध किया है। उन्होंने महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री अनिता भदेल, एडीए अध्यक्ष शिवशंकर हेड़ा, नगर निगम आयुक्त को ज्ञापन देकर सड़क के विस्तार करने के दौरान दोनों छोर पर लगाए गए पेड़ों को नहीं काटने की गुहार लगाई है। धोलाभाटा मुख्य सड़क चौराहा छोटा मार्केट है यहां पर एक गुमटी एडीए की ओर से बनवाई गई थी, पिछले 30 साल से मौजूद है। धोलाभाटा चौराहे पर चाक-पूजन, सभी बारात का ठहराव, उठाव, सत्संग की बसें, रैली या कहीं जाने के लिए बसें यहीं से रवाना होती है, टेम्पो स्टैंड भी है। इस गुमटी को भी नहीं तोड़ा जाना चाहिए। कॉलोनी बाशिन्दों ने सड़क निर्माण, विस्तार का स्वागत किया मगर पेड़ों को किसी तरह का नुकसान नहीं पहुंचाने की मांग की है।

 

Show More
raktim tiwari Reporting
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned